BMC Election 2025: एकला चलो की राह पर अजित पवार, 50 सीटों के लिए बनाया प्लान
अधिकांश शहरी स्थानीय निकायों में भाजपा और शिवसेना के एक साथ चुनाव लड़ने की संभावना है, जबकि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के भीतर और बाहर दोनों जगह चुनाव लड़ने की तत्परता जताई है। पार्टी की चुनाव निर्णय समिति की हाल ही में हुई बैठक में एनसीपी नेताओं ने कहा कि सभी संभावित स्थितियों के लिए तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। आगामी नगर निगम चुनावों से पहले महाराष्ट्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं, और सभी पार्टियां गठबंधन की गणना और सीटों की तैयारियों में तेजी ला रही हैं।इसे भी पढ़ें: कोर्ट ने जारी किया था गिरफ्तारी वारंट, CM फडणवीस ने खेल मंत्री माणिकराव कोकाटे का इस्तीफा मंजूर कियाएनसीपी मुंबई की 50 सीटों के लिए तैयारसूत्रों के अनुसार, एनसीपी ने मुंबई की कम से कम 50 सीटों के लिए जमीनी तैयारी पूरी कर ली है। महायुति गठबंधन में पार्टी के बने रहने या न रहने का अंतिम निर्णय अजीत पवार द्वारा लिया जाना अपेक्षित है। राजनीतिक गलियारों में उनकी इस निर्णय पर गहरी नजर है, क्योंकि इससे राज्य में गठबंधन के समीकरणों में गंभीर बदलाव आ सकता है। बीजेपी के विरोध के बावजूद नवाब मलिक पर भरोसाबीजेपी के कड़े विरोध के बावजूद अजित पवार ने बीएमसी चुनाव की जिम्मेदारी को लेकर नवाब मलिक पर भरोसा बरकरार रखा है। एनसीपी के एक नेता ने बताया कि महायुति से चर्चा के लिए एक समन्वय समिति बनाई जा सकती है। मंत्री अदिति तटकरे, मुंबई के दो अन्य नेता सहित विधायक सना मलिक को इसमें शामिल करने पर चर्चा चल रही है। एनसीपी लीडर ने बताया कि अजित ने कहा है कि हम अंत तक महायुति चुनाव लड़ने की कोशिश करग। याद बात नहीं तो हमें अकेले मैदान में उतरने के लिए तैयार रहना चाहिए। वहीं, मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम ने कहा है कि अगर नवाब मलिक एनसीपी के चुनाव प्रमुख हैं, तो तो हम उनके साथ नहीं रह सकते।इसे भी पढ़ें: BMC Election 2026: उद्धव सेना का युवा वोटरों पर फोकस, आदित्य के जिम्मे ये अहम जिम्मेदारीक्यों अजित पवार के लिए मलिक जरूरी ?वर्ष 2017 के बीएमसी चुनाव में एनसीपी (अविभाजित) के 9 नगरसेवक चुनकर आए थे। इसमें से दो पूर्व नगरसेवक अजित गुट और 2 शरद गुट के साथ है। बाकी शिंदे गुट में शामिल हो गए है। नवाब मलिक मुंबई में एनसीपी के लिए एक महत्वपूर्ण नेता है। नवाब की सेक्युलर इमेज के कारण मुस्लिम और दलित वोटर्स पर पकड़ है। मुंबई में एनसीपी ज्यादा ताकतवर नहीं है। अजित पवार के साथ मुंबई में नवाब मलिक का परिवार ही पार्टी की मजबूती है। इसलिए अजित नवाब को अकेला नहीं छोड़ना चाहते है। वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में भी यही स्थिति पैदा हुई थी, तब पवार नवाब के साथ खड़े थे।नगरपालिका चुनाव कार्यक्रम घोषितराजनीतिक उथल-पुथल के बीच, चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र में नगरपालिका चुनावों का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। 29 नगर निगमों के लिए मतदान होगा, जिनमें 2,869 सीटें शामिल हैं।कार्यक्रम के अनुसार:नामांकन: 23-30 दिसंबरनामांकित पत्रों की जांच: 31 दिसंबरनाम वापस लेने की अंतिम तिथि: 2 जनवरी, 2026चुनाव चिन्हों का आवंटन और अंतिम उम्मीदवार सूची: 3 जनवरीमतदान: 15 जनवरी, 2026मतगणना: 16 जनवरी, 2026
अधिकांश शहरी स्थानीय निकायों में भाजपा और शिवसेना के एक साथ चुनाव लड़ने की संभावना है, जबकि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के भीतर और बाहर दोनों जगह चुनाव लड़ने की तत्परता जताई है। पार्टी की चुनाव निर्णय समिति की हाल ही में हुई बैठक में एनसीपी नेताओं ने कहा कि सभी संभावित स्थितियों के लिए तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। आगामी नगर निगम चुनावों से पहले महाराष्ट्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं, और सभी पार्टियां गठबंधन की गणना और सीटों की तैयारियों में तेजी ला रही हैं।
इसे भी पढ़ें: कोर्ट ने जारी किया था गिरफ्तारी वारंट, CM फडणवीस ने खेल मंत्री माणिकराव कोकाटे का इस्तीफा मंजूर किया
एनसीपी मुंबई की 50 सीटों के लिए तैयार
सूत्रों के अनुसार, एनसीपी ने मुंबई की कम से कम 50 सीटों के लिए जमीनी तैयारी पूरी कर ली है। महायुति गठबंधन में पार्टी के बने रहने या न रहने का अंतिम निर्णय अजीत पवार द्वारा लिया जाना अपेक्षित है। राजनीतिक गलियारों में उनकी इस निर्णय पर गहरी नजर है, क्योंकि इससे राज्य में गठबंधन के समीकरणों में गंभीर बदलाव आ सकता है।
बीजेपी के विरोध के बावजूद नवाब मलिक पर भरोसा
बीजेपी के कड़े विरोध के बावजूद अजित पवार ने बीएमसी चुनाव की जिम्मेदारी को लेकर नवाब मलिक पर भरोसा बरकरार रखा है। एनसीपी के एक नेता ने बताया कि महायुति से चर्चा के लिए एक समन्वय समिति बनाई जा सकती है। मंत्री अदिति तटकरे, मुंबई के दो अन्य नेता सहित विधायक सना मलिक को इसमें शामिल करने पर चर्चा चल रही है। एनसीपी लीडर ने बताया कि अजित ने कहा है कि हम अंत तक महायुति चुनाव लड़ने की कोशिश करग। याद बात नहीं तो हमें अकेले मैदान में उतरने के लिए तैयार रहना चाहिए। वहीं, मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम ने कहा है कि अगर नवाब मलिक एनसीपी के चुनाव प्रमुख हैं, तो तो हम उनके साथ नहीं रह सकते।
इसे भी पढ़ें: BMC Election 2026: उद्धव सेना का युवा वोटरों पर फोकस, आदित्य के जिम्मे ये अहम जिम्मेदारी
क्यों अजित पवार के लिए मलिक जरूरी ?
वर्ष 2017 के बीएमसी चुनाव में एनसीपी (अविभाजित) के 9 नगरसेवक चुनकर आए थे। इसमें से दो पूर्व नगरसेवक अजित गुट और 2 शरद गुट के साथ है। बाकी शिंदे गुट में शामिल हो गए है। नवाब मलिक मुंबई में एनसीपी के लिए एक महत्वपूर्ण नेता है। नवाब की सेक्युलर इमेज के कारण मुस्लिम और दलित वोटर्स पर पकड़ है। मुंबई में एनसीपी ज्यादा ताकतवर नहीं है। अजित पवार के साथ मुंबई में नवाब मलिक का परिवार ही पार्टी की मजबूती है। इसलिए अजित नवाब को अकेला नहीं छोड़ना चाहते है। वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में भी यही स्थिति पैदा हुई थी, तब पवार नवाब के साथ खड़े थे।
नगरपालिका चुनाव कार्यक्रम घोषित
राजनीतिक उथल-पुथल के बीच, चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र में नगरपालिका चुनावों का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। 29 नगर निगमों के लिए मतदान होगा, जिनमें 2,869 सीटें शामिल हैं।
कार्यक्रम के अनुसार:
नामांकन: 23-30 दिसंबर
नामांकित पत्रों की जांच: 31 दिसंबर
नाम वापस लेने की अंतिम तिथि: 2 जनवरी, 2026
चुनाव चिन्हों का आवंटन और अंतिम उम्मीदवार सूची: 3 जनवरी
मतदान: 15 जनवरी, 2026
मतगणना: 16 जनवरी, 2026
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