Biocon की नई बॉस! Kiran Mazumdar-Shaw ने भतीजी Claire Mazumdar को बनाया अपना उत्तराधिकारी

देश के फार्मास्यूटिकल क्षेत्र से एक अहम खबर सामने आई है। मौजूद जानकारी के अनुसार, किरण मजूमदार-शॉ ने अपनी कंपनी बायोकॉन के भविष्य को लेकर उत्तराधिकारी का ऐलान कर दिया।बताया जा रहा है कि उन्होंने अपनी भतीजी क्लेयर मजूमदार को उत्तराधिकारी के रूप में चुना है। हालांकि गौरतलब है कि किरण मजूमदार-शॉ ने स्पष्ट किया है कि वह फिलहाल सक्रिय भूमिका से हटने या सेवानिवृत्त होने की योजना नहीं बना रही हैं और कंपनी के कामकाज में उनकी भूमिका जारी रहेगी।मौजूद जानकारी के अनुसार, क्लेयर मजूमदार का परिवार पहले से ही कंपनी से जुड़ा हुआ है। उनके पिता रवि मजूमदार बायोकॉन में गैर-कार्यकारी निदेशक के रूप में कार्य कर रहे हैं। ऐसे में कंपनी के भीतर नेतृत्व का यह बदलाव एक योजनाबद्ध प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।गौरतलब है कि बायोकॉन भारत की प्रमुख जैव-प्रौद्योगिकी कंपनियों में से एक है, जिसने वैश्विक स्तर पर भी अपनी पहचान बनाई है। वर्ष 1998 में यूनिलीवर ने अपनी हिस्सेदारी बेच दी थी, जिसके बाद बायोकॉन एक स्वतंत्र भारतीय कंपनी बन गई। इसके बाद वर्ष 2001 में कंपनी ने अपनी आयरलैंड स्थित साझेदार यूनिट को भी खरीद लिया और पूरे संचालन पर नियंत्रण हासिल कर लिया।बता दें कि वर्ष 2004 में कंपनी ने शेयर बाजार में सूचीबद्ध होकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की थी। उस समय बायोकॉन का बाजार मूल्य एक अरब डॉलर से अधिक पहुंच गया था, जिससे यह भारत की दूसरी कंपनी बनी थी जिसने सूचीबद्ध होते ही यह मुकाम हासिल किया।फोर्ब्स के आंकड़ों के मुताबिक किरण मजूमदार-शॉ की कुल संपत्ति लगभग 3.3 अरब डॉलर आंकी गई है, जो उन्हें देश की प्रमुख उद्योगपतियों में शामिल करती है।

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May 7, 2026 - 10:51
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Biocon की नई बॉस! Kiran Mazumdar-Shaw ने भतीजी Claire Mazumdar को बनाया अपना उत्तराधिकारी
देश के फार्मास्यूटिकल क्षेत्र से एक अहम खबर सामने आई है। मौजूद जानकारी के अनुसार, किरण मजूमदार-शॉ ने अपनी कंपनी बायोकॉन के भविष्य को लेकर उत्तराधिकारी का ऐलान कर दिया।

बताया जा रहा है कि उन्होंने अपनी भतीजी क्लेयर मजूमदार को उत्तराधिकारी के रूप में चुना है। हालांकि गौरतलब है कि किरण मजूमदार-शॉ ने स्पष्ट किया है कि वह फिलहाल सक्रिय भूमिका से हटने या सेवानिवृत्त होने की योजना नहीं बना रही हैं और कंपनी के कामकाज में उनकी भूमिका जारी रहेगी।

मौजूद जानकारी के अनुसार, क्लेयर मजूमदार का परिवार पहले से ही कंपनी से जुड़ा हुआ है। उनके पिता रवि मजूमदार बायोकॉन में गैर-कार्यकारी निदेशक के रूप में कार्य कर रहे हैं। ऐसे में कंपनी के भीतर नेतृत्व का यह बदलाव एक योजनाबद्ध प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।

गौरतलब है कि बायोकॉन भारत की प्रमुख जैव-प्रौद्योगिकी कंपनियों में से एक है, जिसने वैश्विक स्तर पर भी अपनी पहचान बनाई है। वर्ष 1998 में यूनिलीवर ने अपनी हिस्सेदारी बेच दी थी, जिसके बाद बायोकॉन एक स्वतंत्र भारतीय कंपनी बन गई। इसके बाद वर्ष 2001 में कंपनी ने अपनी आयरलैंड स्थित साझेदार यूनिट को भी खरीद लिया और पूरे संचालन पर नियंत्रण हासिल कर लिया।

बता दें कि वर्ष 2004 में कंपनी ने शेयर बाजार में सूचीबद्ध होकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की थी। उस समय बायोकॉन का बाजार मूल्य एक अरब डॉलर से अधिक पहुंच गया था, जिससे यह भारत की दूसरी कंपनी बनी थी जिसने सूचीबद्ध होते ही यह मुकाम हासिल किया।

फोर्ब्स के आंकड़ों के मुताबिक किरण मजूमदार-शॉ की कुल संपत्ति लगभग 3.3 अरब डॉलर आंकी गई है, जो उन्हें देश की प्रमुख उद्योगपतियों में शामिल करती है।

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