कोलकाता के भाबनीपुर विधानसभा क्षेत्र में सोमवार को उस समय तनाव का माहौल छा गया जब 12वें चरण के बाद मतगणना परिणामों की घोषणा में लंबे समय तक रहस्यमय ढंग से विराम लगा रहा। भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) ने अपनी वेबसाइट पर कुछ घंटों तक मतगणना के आंकड़े अपडेट नहीं किए, जिसके चलते राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और मौजूदा विधायक ममता बनर्जी ने सबसे पहले प्रतिक्रिया दी। विवाद बढ़ने पर वह दोपहर करीब 3:30 बजे सखावत मेमोरियल स्कूल (भाबनीपुर की मतगणना का केंद्र) पहुंचीं और आरोप लगाया कि भाजपा तृणमूल कांग्रेस के पक्ष में पड़े वोटों की हेराफेरी कर रही है। उस समय उनके प्रतिद्वंद्वी सुवेंदु अधिकारी भी केंद्र पर मौजूद थे। घोषणा में विराम के दौरान बनर्जी 7,000 से अधिक वोटों से आगे चल रही थीं।
भवानीपुर का बैटल ग्राउंड
भवानीपुर उस दिन से राष्ट्रीय सुर्खियों में छा गया जब भाजपा ने बनर्जी के गढ़ में सुवेंदु अधिकारी को उनके खिलाफ मैदान में उतारा। और यह सिलसिला परिणाम घोषित होने के दिन भी जारी रहा। अधिकारी और बनर्जी के बीच सोमवार को हुए मुकाबले में कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले। सुबह अधिकारी ने बढ़त हासिल की। हालांकि, बनर्जी ने जल्द ही दोनों के बीच का अंतर कम कर दिया और मतगणना के सातवें दौर के आसपास कुछ समय के लिए आगे निकल गईं। एक समय बनर्जी ने 19,000 से अधिक वोटों की बढ़त बना ली थी, जिससे मुकाबला उनके लिए आसान लग रहा था। हालांकि, अधिकारी ने तुरंत अंतर को कम कर दिया। 12वें दौर तक दोनों के बीच का अंतर 7,000 से अधिक वोटों का रह गया और 12वें दौर के बाद यह अंतर घटकर 5,000 से अधिक वोटों का रह गया।