शनिवार की सुबह पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कद्दावर नेता सुवेंदु अधिकारी ने सुबह 11 बजे कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगडे परेड ग्राउंड में आयोजित एक भव्य समारोह में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। यह शपथ ग्रहण समारोह राज्य में एक बड़े सत्ता परिवर्तन का प्रतीक है, जहाँ BJP ने हालिया विधानसभा चुनावों में 207 सीटें जीतकर एकतरफा और निर्णायक जीत हासिल की है। इस जीत के साथ ही बंगाल में क्षेत्रीय दलों का दशकों पुराना वर्चस्व समाप्त हो गया है।
राज्यपाल से मुलाकात और सरकार का गठन
चुनाव नतीजों के बाद, अधिकारी ने राज्यपाल आर.एन. रवि से मुलाकात कर औपचारिक रूप से सरकार बनाने का दावा पेश किया। जनता के जनादेश को "ऐतिहासिक" बताते हुए, नए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार चुनाव प्रचार के दौरान किए गए सभी वादों को पूरा करने पर ध्यान केंद्रित करेगी और विकास, स्थिरता तथा शासन सुधारों को प्राथमिकता देगी।
राष्ट्रीय नेताओं की मौजूदगी में हाई-प्रोफाइल शपथ ग्रहण समारोह
देश भर के कई शीर्ष नेताओं की मौजूदगी से यह समारोह एक बड़ा राजनीतिक कार्यक्रम बन गया। वरिष्ठ मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और NDA नेताओं ने शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत की, जिससे यह BJP के लिए शक्ति प्रदर्शन का एक महत्वपूर्ण अवसर बन गया।
शपथ ग्रहण समारोह में शामिल प्रमुख VVIP अतिथियों की सूची
प्रेम सिंह तमांग – सिक्किम के मुख्यमंत्री
खेम चंद सिंह – मणिपुर के मुख्यमंत्री
नेफियू रियो – नागालैंड के मुख्यमंत्री
पेमा खांडू – अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री
माणिक साहा – त्रिपुरा के मुख्यमंत्री
एकनाथ शिंदे – महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री
दीया कुमारी – राजस्थान की उपमुख्यमंत्री
सम्राट चौधरी – बिहार के उपमुख्यमंत्री
राजनाथ सिंह – केंद्रीय रक्षा मंत्री
जे. पी. नड्डा – केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री
धर्मेंद्र प्रधान – केंद्रीय शिक्षा मंत्री
शिवराज सिंह चौहान – केंद्रीय मंत्री
सुरेश गोपी – केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री
हर्षवर्धन सिंगला – संसद सदस्य
सुवेंदु अधिकारी का राजनीतिक सफर
पश्चिम बंगाल की राजनीति में सुवेंदु अधिकारी का राजनीतिक उदय काफी तेजी से हुआ है। कभी तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी का करीबी माना जाने वाला यह नेता, बाद में 2021 के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले BJP में शामिल हो गया। 2021 के चुनावों में, अधिकारी ने नंदीग्राम की हाई-प्रोफाइल सीट पर बनर्जी को हराकर काफी सुर्खियां बटोरी थीं, जो उनके राजनीतिक करियर का एक अहम मोड़ साबित हुआ।
तब से, वह पश्चिम बंगाल में BJP के चुनाव प्रचार के प्रमुख चेहरों में से एक रहे हैं, और मुख्यमंत्री के पद पर उनका आसीन होना राज्य में पार्टी के लिए एक बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है।