आज ही के दिन यानी की 13 दिसंबर को महाराणा प्रताप के वंशज अरविंद सिंह मेवाड़ का जन्म हुआ था। उन्होंने अपनी जीवन काल में उदयपुर के लिए कई ऐसे काम किए हैं, जिनमें से एक डेस्टिनेशन वेडिंग का ट्रेंड है। उदयपुर की जल संकट का समाधान करने में देवास द्वितीय परियोजना अहम भूमिका निभाई थी। वह बहुमुखी प्रतिभा के धनी होने के साथ ही उन्होंने मेवाड़ के पर्यटन को मजबूती देने में अहम योगदान दिया। अरविंद सिंह मेवाड़ कला-साहित्य, खेल और संगीत के भी कद्रदान थे। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर अरविंद सिंह मेवाड़ के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...
जन्म और परिवार
राजस्थान के उदयपुर में 13 दिसंबर 1944 को अरविंद सिंह मेवाड़ का जन्म हुआ था। उनके पिता का नाम उदयपुर के पूर्व महाराणा भगवत सिंह मेवाड़ और मां का नाम सुशीला कुमारी मेवाड़ था। अरविंद सिंह मेवाड़ ने मेवाड़ की संस्कृति और परंपरा को जिंदा रखने का काम किया। उन्होंने अजमेर के मेयो कॉलेज से अपनी शुरूआती पढ़ाई की। फिर उदयपुर में महाराणा भूपाल कॉलेज से आर्ट्स में ग्रेजुएशन किया। फिर UK के सेंट एल्बंस मेट्रोपॉलिटन कॉलेज से होटल मैनेजमेंट की डिग्री प्राप्त की।
अचीवमेंट्स
बता दें कि अरविंद सिंह मेवाड़ ने अमेरिका में कुछ समय तक नौकरी भी की। फिर वह एचआरएच ग्रुप ऑफ होटल्स के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक थे। इसके अलावा वह महाराणा मेवाड़ फाउंडेशन ट्रस्ट, राजमाता गुलाब कुंवर चेरिटेबल ट्रस्ट और महाराणा मेवाड़ ऐतिहासिक प्रकाश ट्रस्ट के अध्यक्ष थे।
डेस्टिनेशन वेडिंग के जनक
आज जिस उदयपुर में डेस्टिनेशन वेडिंग हो रही है, उसके जनक अरविंद सिंह मेवाड़ माने जाते हैं। बताया जाता है कि उदयपुर में डेस्टिनेशन वेडिंग शुरू कराने के लिए काफी मेहनत की, तब जाकर आज देश-दुनिया के सेलेब्स यहां पर शादी करने के लिए आते हैं। इस वजह से आज उदयपुर का ट्रैवल मार्केट करोड़ों की कमाई करता है।
शानदार कार
इसके साथ ही अरविंद सिंह मेवाड़ के पास कई शानदार विंटेज कार थीं। साल 1946 में उनके पास लाल रंग की MG TC कार थी। वह हर दिन उस कार से सैर-सपाटा करने के लिए निकलते थे। उनको इस कार से बेहद लगाव था। माना जाता है कि वह इस कार के साथ काफी वक्त बिताते थे।
मृत्यु
लंबी बीमारी के बाद 16 मार्च 2025 को 81 साल की उम्र में अरविंद सिंह मेवाड़ का सिटी पैलेस उदयपुर में निधन हो गया।