हिंद महासागर में China पर नकेल! Navy Chief त्रिपाठी के Myanmar दौरे के जानें क्या हैं मायने?

नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने शनिवार को म्यांमा की चार दिवसीय यात्रा शुरू की, जिसका उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच अभियानगत स्तर पर समन्वय बढ़ाना और समुद्री सुरक्षा क्षेत्र में सहयोग के नए रास्ते तलाशना है। भारतीय नौसेना ने एक बयान में कहा कि एडमिरल त्रिपाठी की यात्रा भारत और म्यांमा के बीच लंबे समय से जारी मित्रता की पुष्टि करती है, जो आपसी सम्मान, विश्वास और हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा एवं स्थिरता के प्रति साझा प्रतिबद्धता पर आधारित है। बयान में कहा गया कि नौसेना प्रमुख म्यांमा के सशस्त्र बलों के सर्वोच्च अधिकारी जनरल ये विन ऊ, रक्षा मंत्री जनरल यू ह्तुन आंग, म्यांमा नौसेना के प्रमुख एडमिरल ह्तीन विन और अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। नौसेना ने कहा, ‘‘इस वार्ता से द्विपक्षीय समुद्री सहयोग की समीक्षा करने, अभियानगत स्तर पर संबंधों को मजबूत करने और दोनों नौसेनाओं के बीच सहयोग के नए रास्ते तलाशने का अवसर मिलेगा।’’ म्यांमा भारत के प्रमुख रणनीतिक पड़ोसियों में से एक है और नगालैंड तथा मणिपुर सहित कई पूर्वोत्तर राज्यों के साथ 1,640 किलोमीटर की सीमा साझा करता है। अपनी यात्रा के दौरान, एडमिरल त्रिपाठी म्यांमा नौसेना की मध्य कमान का भी दौरा करेंगे। नौसेना ने कहा, ‘‘इन मुलाकातों में रक्षा सहयोग से जुड़े कई विषयों पर चर्चा होगी, जिनमें समुद्री सुरक्षा, क्षमता निर्माण, क्षमता संवर्धन और प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। View this post on Instagram A post shared by Indian Navy Official Account (@indiannavy)

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May 2, 2026 - 15:33
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हिंद महासागर में China पर नकेल! Navy Chief त्रिपाठी के Myanmar दौरे के जानें क्या हैं मायने?

नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने शनिवार को म्यांमा की चार दिवसीय यात्रा शुरू की, जिसका उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच अभियानगत स्तर पर समन्वय बढ़ाना और समुद्री सुरक्षा क्षेत्र में सहयोग के नए रास्ते तलाशना है। भारतीय नौसेना ने एक बयान में कहा कि एडमिरल त्रिपाठी की यात्रा भारत और म्यांमा के बीच लंबे समय से जारी मित्रता की पुष्टि करती है, जो आपसी सम्मान, विश्वास और हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा एवं स्थिरता के प्रति साझा प्रतिबद्धता पर आधारित है।

बयान में कहा गया कि नौसेना प्रमुख म्यांमा के सशस्त्र बलों के सर्वोच्च अधिकारी जनरल ये विन ऊ, रक्षा मंत्री जनरल यू ह्तुन आंग, म्यांमा नौसेना के प्रमुख एडमिरल ह्तीन विन और अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। नौसेना ने कहा, ‘‘इस वार्ता से द्विपक्षीय समुद्री सहयोग की समीक्षा करने, अभियानगत स्तर पर संबंधों को मजबूत करने और दोनों नौसेनाओं के बीच सहयोग के नए रास्ते तलाशने का अवसर मिलेगा।’’

म्यांमा भारत के प्रमुख रणनीतिक पड़ोसियों में से एक है और नगालैंड तथा मणिपुर सहित कई पूर्वोत्तर राज्यों के साथ 1,640 किलोमीटर की सीमा साझा करता है। अपनी यात्रा के दौरान, एडमिरल त्रिपाठी म्यांमा नौसेना की मध्य कमान का भी दौरा करेंगे। नौसेना ने कहा, ‘‘इन मुलाकातों में रक्षा सहयोग से जुड़े कई विषयों पर चर्चा होगी, जिनमें समुद्री सुरक्षा, क्षमता निर्माण, क्षमता संवर्धन और प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

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