दिल्ली की मुख्यमंत्री ने जीपीएस से लैस 1,111 टैंकरों को हरी झंडी दिखाई

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गर्मियों के दौरान शहर में जलापूर्ति बढ़ाने के लिए रविवार को लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम से लैस 1,111 टैंकरों को हरी झंडी दिखाई। इस प्रणाली के जरिये दिल्ली जल बोर्ड मुख्यालय से ‘आईटी डैशबोर्ड’ पर टैंकरों पर नजर रखी जा सकेगी। दिल्ली में भाजपा सरकार के 60 दिन पूरे होने के अवसर पर आयोजित समारोह के दौरान गुप्ता ने कहा, यह पूर्ण पारदर्शिता की दिशा में उठाया गया कदम है। यह अंतिम समाधान नहीं है, हम प्रत्येक निवासी को नल से जल उपलब्ध कराने के लिए एक नयी नगर योजना पर काम करेंगे। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री प्रवेश वर्मा, पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, भाजपा सांसद और विधायक भी उपस्थित थे। गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने बजट में जल क्षेत्र के लिए 9,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। उन्होंने कहा, हमने सीवर ओवरफ्लो से निपटने के लिए पूरे शहर में 50 ‘सुपर सकर मशीन’ तैनात की हैं। पिछली सरकार ने केवल दो ऐसी मशीनें खरीदी थीं। शहर की सरकार मलजल शोधन संयंत्रों और जल शोधन संयंत्रों की क्षमता बढ़ाने पर भी काम कर रही है। वर्मा ने कहा, यह सुशासन और पारदर्शिता का एक मॉडल है। इनमें से कुछ टैंकर पुराने हैं लेकिन इन सभी में जीपीएस लगा हुआ है। लोग फूड डिलीवरी ऐप की तरह ही अपने मोबाइल फोन पर टैंकर के स्थान का पता लगा सकते हैं।

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Apr 21, 2025 - 03:30
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दिल्ली की मुख्यमंत्री ने  जीपीएस  से लैस 1,111 टैंकरों को हरी झंडी दिखाई

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गर्मियों के दौरान शहर में जलापूर्ति बढ़ाने के लिए रविवार को लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम से लैस 1,111 टैंकरों को हरी झंडी दिखाई। इस प्रणाली के जरिये दिल्ली जल बोर्ड मुख्यालय से ‘आईटी डैशबोर्ड’ पर टैंकरों पर नजर रखी जा सकेगी।

दिल्ली में भाजपा सरकार के 60 दिन पूरे होने के अवसर पर आयोजित समारोह के दौरान गुप्ता ने कहा, यह पूर्ण पारदर्शिता की दिशा में उठाया गया कदम है। यह अंतिम समाधान नहीं है, हम प्रत्येक निवासी को नल से जल उपलब्ध कराने के लिए एक नयी नगर योजना पर काम करेंगे।

कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री प्रवेश वर्मा, पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, भाजपा सांसद और विधायक भी उपस्थित थे। गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने बजट में जल क्षेत्र के लिए 9,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।

उन्होंने कहा, हमने सीवर ओवरफ्लो से निपटने के लिए पूरे शहर में 50 ‘सुपर सकर मशीन’ तैनात की हैं। पिछली सरकार ने केवल दो ऐसी मशीनें खरीदी थीं। शहर की सरकार मलजल शोधन संयंत्रों और जल शोधन संयंत्रों की क्षमता बढ़ाने पर भी काम कर रही है।

वर्मा ने कहा, यह सुशासन और पारदर्शिता का एक मॉडल है। इनमें से कुछ टैंकर पुराने हैं लेकिन इन सभी में जीपीएस लगा हुआ है। लोग फूड डिलीवरी ऐप की तरह ही अपने मोबाइल फोन पर टैंकर के स्थान का पता लगा सकते हैं।

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