तनाव भारत पाक के बीच, सीजफायर का ऐलान ट्रंप ने सबसे पहले किया, फिर आया MEA का बयान और इशाक डार का ट्वीट

भारत की ओर से विदेश मंत्री विक्रम मिसरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया कि पाकिस्तान की ओर उसकी सेना के डीजीएमओ ने तनाव कम करने के लिए भारतीय सेना के डीजीएमओ से संपर्क किया। इसके बाद भारत अपनी शर्तों पर युद्धविराम के लिए राजी हुआ। दोनों देशों के डीजीएमओ  युद्धविराम को लेकर आगे की कार्रवाई के लिए 12 मई को फिर से बातचीत करेंगे। पाकिस्तान सरकार ने शनिवार को कहा कि उसने भारत से संपर्क किया और दोनों देशों के बीच युद्ध विराम पर सीधे बातचीत की गई। सरकार ने कई दिनों की सैन्य कार्रवाई और दोनों पड़ोसियों के बीच बढ़े तनाव के बाद युद्ध विराम की पुष्टि की। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान करते हुए कहा कि  संयुक्त राज्य अमेरिका की मध्यस्थता में एक लंबी रात की बातचीत के बाद, मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत और पाकिस्तान पूर्ण और तत्काल युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं। दोनों देशों को सामान्य बुद्धि और महान बुद्धिमत्ता का उपयोग करने के लिए बधाई। इस मामले पर आपका ध्यान देने के लिए धन्यवाद।इसे भी पढ़ें: Operation Sindoor में मारे गए आतंकियों की आ गई सूची, लश्कर से जैश तक के आतंकी शामिलदो दिन पहले डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर कहा था कि टिट फॉर टैट हो चुका है। एक दूसरे को आपने सबक सिखा दिया है। अब शांत हो जाइए। उसके बाद जब मामला बढ़ता हुआ नजर आया फिर अमेरिका पूरी तरह से इसमें शिरकत करता नजर आया।  भारत ने दो स्तर पर ये जंग लड़ी है। भारत ने आतंकवाद के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की। भारत ने सेना के डिफेंस सिस्टम की बदौलत अपने नागरिकों की रक्षा की। दूसरी तरफ कूटनीतिक स्तर पर हमने पाकिस्तान को घेर डाला। उसे पैसा कहां से आता है। वैसे कोई देश दूसरे की भीख या रहम पर नहीं पलता है, इसलिए वो दूसरों की न सुने। लेकिन पाकिस्तान जैसा मुल्क जो पूरी तरह से अमेरिका और अमेरिका फंडेड आर्गनाइजेशन पर निर्भर है। उसकी वजह से उसका रसूख चलता है। विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने मुनीर को फोन किया। इसे भी पढ़ें: नागरिक विमानों को ढाल बना रहा पाकिस्तान, PAK की नापाक हरकतों को भारत ने किया उजागरइसके अलावा कहा जा रहा है कि इसमें सऊदी अरब की भी भूमिका है। भारत और पाकिस्तान को लेकर बातचीत में अमेरिका के साथ सऊदी अरब का भी रोल अहम रहता है। भारत की तरफ से लगातार अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अपनी कार्रवाई और कदमों के बारे में बताता आ रहा था। हम क्यों कार्रवाई कर रहे हैं। हमारी ये जवाबी कार्रवाई है। विदेश मंत्री एस जयशंकर अंततराष्ट्रीय स्तर पर अलग अलग राजनयिकों से बात कर रहे थे। दोनों देशों के बीच में एक रास्ता खोजना था। पाकिस्तान की हालत तो किसी से छुपी नहीं थी। एक आतंकी देश है। आतंकी वहां फैसला लेते हैं। पाकिस्तान जिस राह पर चल पड़ा था। बीती रात जिस तरह बैलेस्टिक मिसाइल से हमला किया, उसके बाद से तस्वीर साफ थी कि इस बार भारत ने भी अपना अल्टीमेट रुख अपना लिया था।  Pakistan and India have agreed to a ceasefire with immediate effect. Pakistan has always strived for peace and security in the region, without compromising on its sovereignty and territorial integrity!— Ishaq Dar (@MIshaqDar50) May 10, 2025

PNSPNS
May 11, 2025 - 03:30
 0
तनाव भारत पाक के बीच, सीजफायर का ऐलान ट्रंप ने सबसे पहले किया, फिर आया MEA का बयान और इशाक डार का ट्वीट
भारत की ओर से विदेश मंत्री विक्रम मिसरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया कि पाकिस्तान की ओर उसकी सेना के डीजीएमओ ने तनाव कम करने के लिए भारतीय सेना के डीजीएमओ से संपर्क किया। इसके बाद भारत अपनी शर्तों पर युद्धविराम के लिए राजी हुआ। दोनों देशों के डीजीएमओ  युद्धविराम को लेकर आगे की कार्रवाई के लिए 12 मई को फिर से बातचीत करेंगे। पाकिस्तान सरकार ने शनिवार को कहा कि उसने भारत से संपर्क किया और दोनों देशों के बीच युद्ध विराम पर सीधे बातचीत की गई। सरकार ने कई दिनों की सैन्य कार्रवाई और दोनों पड़ोसियों के बीच बढ़े तनाव के बाद युद्ध विराम की पुष्टि की। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान करते हुए कहा कि  संयुक्त राज्य अमेरिका की मध्यस्थता में एक लंबी रात की बातचीत के बाद, मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत और पाकिस्तान पूर्ण और तत्काल युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं। दोनों देशों को सामान्य बुद्धि और महान बुद्धिमत्ता का उपयोग करने के लिए बधाई। इस मामले पर आपका ध्यान देने के लिए धन्यवाद।

इसे भी पढ़ें: Operation Sindoor में मारे गए आतंकियों की आ गई सूची, लश्कर से जैश तक के आतंकी शामिल

दो दिन पहले डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर कहा था कि टिट फॉर टैट हो चुका है। एक दूसरे को आपने सबक सिखा दिया है। अब शांत हो जाइए। उसके बाद जब मामला बढ़ता हुआ नजर आया फिर अमेरिका पूरी तरह से इसमें शिरकत करता नजर आया।  भारत ने दो स्तर पर ये जंग लड़ी है। भारत ने आतंकवाद के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की। भारत ने सेना के डिफेंस सिस्टम की बदौलत अपने नागरिकों की रक्षा की। दूसरी तरफ कूटनीतिक स्तर पर हमने पाकिस्तान को घेर डाला। उसे पैसा कहां से आता है। वैसे कोई देश दूसरे की भीख या रहम पर नहीं पलता है, इसलिए वो दूसरों की न सुने। लेकिन पाकिस्तान जैसा मुल्क जो पूरी तरह से अमेरिका और अमेरिका फंडेड आर्गनाइजेशन पर निर्भर है। उसकी वजह से उसका रसूख चलता है। विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने मुनीर को फोन किया। 

इसे भी पढ़ें: नागरिक विमानों को ढाल बना रहा पाकिस्तान, PAK की नापाक हरकतों को भारत ने किया उजागर

इसके अलावा कहा जा रहा है कि इसमें सऊदी अरब की भी भूमिका है। भारत और पाकिस्तान को लेकर बातचीत में अमेरिका के साथ सऊदी अरब का भी रोल अहम रहता है। भारत की तरफ से लगातार अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अपनी कार्रवाई और कदमों के बारे में बताता आ रहा था। हम क्यों कार्रवाई कर रहे हैं। हमारी ये जवाबी कार्रवाई है। विदेश मंत्री एस जयशंकर अंततराष्ट्रीय स्तर पर अलग अलग राजनयिकों से बात कर रहे थे। दोनों देशों के बीच में एक रास्ता खोजना था। पाकिस्तान की हालत तो किसी से छुपी नहीं थी। एक आतंकी देश है। आतंकी वहां फैसला लेते हैं। पाकिस्तान जिस राह पर चल पड़ा था। बीती रात जिस तरह बैलेस्टिक मिसाइल से हमला किया, उसके बाद से तस्वीर साफ थी कि इस बार भारत ने भी अपना अल्टीमेट रुख अपना लिया था। 
 

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow