ईरान में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और क्षेत्रीय तनाव जारी है। इन सबके बीच ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने बुधवार देर शाम भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर को फोन किया। दोनों नेताओं ने ईरान और आसपास के इलाकों की बिगड़ती सुरक्षा स्थिति पर चर्चा की। जयशंकर ने खुद इस फोन कॉल की पुष्टि की। जयशंकर ने एक्स पर लिखा ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास असरागजी का फोन आया हमने ईरान और उसके आसपास की बदलती स्थिति पर चर्चा की। भारत सरकार ने ईरान में मौजूद भारतीयों के लिए एडवाइज़री जारी की है।
ईरानी मुद्रा रियाल के रिकॉर्ड निचले स्तर पर गिरने के बाद पिछले महीने तेहरान में प्रदर्शन शुरू हुए। तब से ये प्रदर्शन सभी 31 प्रांतों में फैल चुके हैं और आर्थिक संकट के खिलाफ आंदोलन से शुरू होकर राजनीतिक परिवर्तन की मांग में तब्दील हो गए हैं। ईरान में भारतीय दूतावास ने एक नया परामर्श जारी करते हुए कहा कि ईरान में बदलती स्थिति के मद्देनजर ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों (छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों) को वाणिज्यिक उड़ानों सहित परिवहन के उपलब्ध साधनों का उपयोग करके देश छोड़ने की सलाह दी जाती है। परामर्श में कहा गया, यह दोहराया जाता है कि सभी भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के लोगों (पीआईओ) को उचित सावधानी बरतनी चाहिए, विरोध प्रदर्शनों या रैलियों वाले क्षेत्रों से बचना चाहिए, ईरान में भारतीय दूतावास के संपर्क में रहना चाहिए और किसी भी घटनाक्रम के लिए स्थानीय मीडिया पर नजर रखनी चाहिए।
ईरान में रहने वाले भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के लोगों से सावधानी बरतने और प्रदर्शन वाले क्षेत्रों में जाने से बचने को कहा था। अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट एक्टिविस्ट न्यूज एजेंसी (एचआरएएनए) के अनुसार, ईरान में पिछले कुछ दिनों में देशव्यापी प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 2,500 से अधिक हो गई है। ईरान में हो रहे प्रदर्शनों से पश्चिम एशिया में भी व्यापक तनाव पैदा हो गया है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों पर क्रूर कार्रवाई के खिलाफ तेहरान को चेतावनी दी है।