अमेरिका ने ईरान के पोर्ट उड़ाए, बदले में तेहरान ने US वॉरशिप्स को पहुंचाया नुकसान!

जहां अमेरिका और ईरान के बीच भले ही सीजफायर लागू हो लेकिन जंग की आग एक बार फिर से भड़कते हुए दिखाई दे रही है। 7 मई को होर्मुज स्ट्रीट में कुछ ऐसा हुआ जिसने जंग किया को फिर से भड़का दिया है। ईरान ने अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाया तो जवाब में डोनाल्ड ट्रंप की सेना ने ईरान की बंदरगाहों पर जोरदार स्ट्राइक कर दी है और ईरान में भारी बमबारी अमेरिका के द्वारा की गई। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी सेंट कॉम के मुताबिक उनके तीन गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर यूएसएस राफेल पराल्टा और यूएसएस मसोन अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग से गुजर रहे थे। इसी दौरान ईरान ने उकसाने वाली कारवाई करते हुए मिसाइलें, ड्रोन और छोटी नावें बेचकर हमला करने की कोशिश की। हालांकि अमेरिकी सेना ने इन सभी खतरों को हवा में ही नाकाम कर दिया और हमले के तुरंत बाद अमेरिका ने जवाबी कारवाई करते हुए अमेरिकी वायुसेना और नौसेना ने ईरान के काशम और बंदर अब्बास जैसे रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया। इसे भी पढ़ें: ट्रंप को बड़ा कानूनी झटका! अमेरिका की कोर्ट ने 10% ग्लोबल टैरिफ को किया रद्द, बताया 'गैर-कानूनी'इन हमलों में उन साइट्स को तबाह कर दिया गया है। जहां से ड्रोन और मिसाइल ल्च की जा रही थी ईरान की ओर से। साथ ही में ईरान के कमांड सेंटर और खुफिया निगरानी केंद्रों को भी अमेरिका की ओर से भारी नुकसान पहुंचाया गया है। ईरान के मिनाप शहर और हॉर्मोसगान प्रांत में भी धमाकों की आवाज सुनाई दी है। इस पूरी कारवाही पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान भी सामने आया है। ट्रंप ने इसे एक लव टैप करार दिया है। यानी प्यार से दी गई थपकी। उन्होंने टूट सोशल पर लिखा कि ईरानी हमलों में अमेरिकी जहाज को कोई भी नुकसान नहीं हुआ है। जबकि ईरानी हमलावरों को भारी तबाही झेलनी पड़ी है। ट्रंप ने तंज कसते हुए कहा कि ईरानी ड्रोन हवा में वैसे ही गिर रहे थे जैसे कोई तितली अपने कब्र की ओर गिर रही हो। घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल जो उठकर आ रहा है वो यही है कि क्या अमेरिका और ईरान के बीच का सीज फायर इस हमले के बाद खत्म हो गया है? तो इसका जवाब भी राष्ट्रपति ट्रंप ने ही दिया है। जब मीडिया ने ट्रंप से सवाल पूछा कि क्या अब भी सीज फायर बरकरार है? तो ट्रंप ने स्पष्ट लहजे में कहा अभी सीज फायर है लेकिन उन्होंने हमारे साथ खिलवाड़ किया और हमने उन्हें उड़ा दिया। अगर सीज फायर खत्म हुआ तो आपको पूछना नहीं पड़ेगा। बस ईरान से निकलता हुआ एक बड़ा आग का गोला दिखाई देगा। ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि वो जल्द से जल्द समझौते पर दस्तखत कर ले। इसे भी पढ़ें: Hormuz Crisis | होर्मुज़ संकट का असर! रुपया 45 पैसे लुढ़का, कच्चा तेल $101 के पार- बाज़ारों में हाहाकारअमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच, तेहरान ने दावा किया है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन अमेरिकी युद्धपोतों पर जवाबी हमला किया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने खुलासा किया कि ईरान द्वारा किए गए इस हमले में जहाज-रोधी बैलिस्टिक मिसाइलें, क्रूज मिसाइलें और आत्मघाती ड्रोन शामिल थे। यह हमला ईरान के जास्क में एक ईरानी तेल टैंकर पर अमेरिका द्वारा किए गए जवाबी हमले का हिस्सा था। ईरान ने दावा किया कि यह हमला युद्धविराम के उल्लंघन के परिणामस्वरूप उकसाया गया था और इससे अमेरिकी सेना और अमेरिकी युद्धपोतों को भारी नुकसान पहुंचा है। अमेरिकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) ने बाद में पुष्टि की कि यूएसएस ट्रक्सटन, यूएसएस राफेल पेराल्टा और यूएसएस मेसन को ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों द्वारा निशाना बनाया गया था, लेकिन अमेरिकी युद्धपोत ने सफलतापूर्वक जवाबी हमला किया और आईआरजीसी के दावे के विपरीत अमेरिकी जहाजों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया।Stay updated with International News in Hindi (https://www.prabhasakshi.com/international) on Prabhasakshi  

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May 9, 2026 - 10:48
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अमेरिका ने ईरान के पोर्ट उड़ाए, बदले में तेहरान ने US वॉरशिप्स को पहुंचाया नुकसान!
जहां अमेरिका और ईरान के बीच भले ही सीजफायर लागू हो लेकिन जंग की आग एक बार फिर से भड़कते हुए दिखाई दे रही है। 7 मई को होर्मुज स्ट्रीट में कुछ ऐसा हुआ जिसने जंग किया को फिर से भड़का दिया है। ईरान ने अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाया तो जवाब में डोनाल्ड ट्रंप की सेना ने ईरान की बंदरगाहों पर जोरदार स्ट्राइक कर दी है और ईरान में भारी बमबारी अमेरिका के द्वारा की गई। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी सेंट कॉम के मुताबिक उनके तीन गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर यूएसएस राफेल पराल्टा और यूएसएस मसोन अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग से गुजर रहे थे। इसी दौरान ईरान ने उकसाने वाली कारवाई करते हुए मिसाइलें, ड्रोन और छोटी नावें बेचकर हमला करने की कोशिश की। हालांकि अमेरिकी सेना ने इन सभी खतरों को हवा में ही नाकाम कर दिया और हमले के तुरंत बाद अमेरिका ने जवाबी कारवाई करते हुए अमेरिकी वायुसेना और नौसेना ने ईरान के काशम और बंदर अब्बास जैसे रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया। 

इसे भी पढ़ें: ट्रंप को बड़ा कानूनी झटका! अमेरिका की कोर्ट ने 10% ग्लोबल टैरिफ को किया रद्द, बताया 'गैर-कानूनी'

इन हमलों में उन साइट्स को तबाह कर दिया गया है। जहां से ड्रोन और मिसाइल ल्च की जा रही थी ईरान की ओर से। साथ ही में ईरान के कमांड सेंटर और खुफिया निगरानी केंद्रों को भी अमेरिका की ओर से भारी नुकसान पहुंचाया गया है। ईरान के मिनाप शहर और हॉर्मोसगान प्रांत में भी धमाकों की आवाज सुनाई दी है। इस पूरी कारवाही पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान भी सामने आया है। ट्रंप ने इसे एक लव टैप करार दिया है। यानी प्यार से दी गई थपकी। उन्होंने टूट सोशल पर लिखा कि ईरानी हमलों में अमेरिकी जहाज को कोई भी नुकसान नहीं हुआ है। जबकि ईरानी हमलावरों को भारी तबाही झेलनी पड़ी है। ट्रंप ने तंज कसते हुए कहा कि ईरानी ड्रोन हवा में वैसे ही गिर रहे थे जैसे कोई तितली अपने कब्र की ओर गिर रही हो। घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल जो उठकर आ रहा है वो यही है कि क्या अमेरिका और ईरान के बीच का सीज फायर इस हमले के बाद खत्म हो गया है? तो इसका जवाब भी राष्ट्रपति ट्रंप ने ही दिया है। जब मीडिया ने ट्रंप से सवाल पूछा कि क्या अब भी सीज फायर बरकरार है? तो ट्रंप ने स्पष्ट लहजे में कहा अभी सीज फायर है लेकिन उन्होंने हमारे साथ खिलवाड़ किया और हमने उन्हें उड़ा दिया। अगर सीज फायर खत्म हुआ तो आपको पूछना नहीं पड़ेगा। बस ईरान से निकलता हुआ एक बड़ा आग का गोला दिखाई देगा। ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि वो जल्द से जल्द समझौते पर दस्तखत कर ले। 

इसे भी पढ़ें: Hormuz Crisis | होर्मुज़ संकट का असर! रुपया 45 पैसे लुढ़का, कच्चा तेल $101 के पार- बाज़ारों में हाहाकार

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच, तेहरान ने दावा किया है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन अमेरिकी युद्धपोतों पर जवाबी हमला किया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने खुलासा किया कि ईरान द्वारा किए गए इस हमले में जहाज-रोधी बैलिस्टिक मिसाइलें, क्रूज मिसाइलें और आत्मघाती ड्रोन शामिल थे। यह हमला ईरान के जास्क में एक ईरानी तेल टैंकर पर अमेरिका द्वारा किए गए जवाबी हमले का हिस्सा था। ईरान ने दावा किया कि यह हमला युद्धविराम के उल्लंघन के परिणामस्वरूप उकसाया गया था और इससे अमेरिकी सेना और अमेरिकी युद्धपोतों को भारी नुकसान पहुंचा है। अमेरिकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) ने बाद में पुष्टि की कि यूएसएस ट्रक्सटन, यूएसएस राफेल पेराल्टा और यूएसएस मेसन को ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों द्वारा निशाना बनाया गया था, लेकिन अमेरिकी युद्धपोत ने सफलतापूर्वक जवाबी हमला किया और आईआरजीसी के दावे के विपरीत अमेरिकी जहाजों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया।
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