श्मशान घाट में मिली महिला को घर लाया एक्टर, मां बनाकर दिन-रात की सेवा, फिर उसी की कही बात से फिर गए दिन
एक समय पर इस एक्टर ने इतनी गरीबी देखी कि इनके पास स्कूल की फीस भरने के भी पैसे नहीं थे, जिसके चलते ये स्कूल नहीं जा सके। भरण-पोषण के लिए इन्होंने जूते-चप्पल बनाए और ढाबे पर बर्तन धोए। लेकिन, संघर्ष के दिनों में भी इस एक्टर ने श्मशान घाट में मिली एक महिला की खूब सेवा की।
एक समय पर इस एक्टर ने इतनी गरीबी देखी कि इनके पास स्कूल की फीस भरने के भी पैसे नहीं थे, जिसके चलते ये स्कूल नहीं जा सके। भरण-पोषण के लिए इन्होंने जूते-चप्पल बनाए और ढाबे पर बर्तन धोए। लेकिन, संघर्ष के दिनों में भी इस एक्टर ने श्मशान घाट में मिली एक महिला की खूब सेवा की।