शिवालिक के बाद अब नंदा देवी ने गुजरात के तट पर डाला डेरा, 92700 मीट्रिक टन LPG आ गया भारत

शिवालिक जहाज के बाद नंदा देवी टैंकर 47,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर गुजरात के वडीनार बंदरगाह पर पहुंचा। 47,000 मीट्रिक टन से अधिक द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) लेकर आया ये जहाज वडीनार बंदरगाह पर पहुंच गया है। मध्य पूर्व में गहराते संकट के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाला यह दूसरा जहाज है। एक दिन पहले, शिवालिक नामक दूसरा एलपीजी टैंकर, जिसे संघर्षग्रस्त होर्मुज जलडमरूमध्य से पारगमन की अनुमति दी गई थी, 46,000 मीट्रिक टन से अधिक एलपीजी लेकर गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर पहुंचा। इसमें लगभग 32.4 लाख मानक 14.2 किलोग्राम के घरेलू सिलेंडरों के बराबर एलपीजी थी, जिनका उपयोग भारतीय घरों में होता है। अधिकारियों का अनुमान है कि यह जहाज अकेले ही भारत की कुल एलपीजी आयात आवश्यकता का लगभग एक दिन का हिस्सा पूरा कर सकता है।इससे पहले शिवालिक मुंद्रा बंदरगाह पर पहुंचापश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच भारत का एलपीजी वाहक जहाज ‘शिवालिक’ सुरक्षित रूप से गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर पहुंच गया है। गुजरात के कृषि मंत्री एवं राज्य सरकार के प्रवक्ता जीतू वाघाणी ने सोमवार को विधानसभा में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ईरान, इजराइल और अन्य देशों से जुड़े वैश्विक तनाव के बावजूद जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरकर भारत पहुंचा। वाघाणी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विश्व नेताओं के साथ मजबूत कूटनीतिक संबंधों के कारण यह संभव हो सका। वाघाणी ने सदन में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सफल कूटनीतिक प्रयासों के चलते भारत का ‘शिवालिक’ जहाज एलपीजी लेकर सुरक्षित रूप से गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पहुंच गया।’’ उन्होंने बताया कि एक अन्य जहाज ‘नंदादेवी’ भी होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजर चुका है और मंगलवार को उसके गुजरात के वाडिनार बंदरगाह पहुंचने की संभावना है। मुंद्रा बंदरगाह के अधिकारियों ने पुष्टि की कि ‘शिवालिक’ जहाज इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) के लिए मंगाए गए 46,000 मीट्रिक टन एलपीजी के साथ बंदरगाह पर पहुंचा है। बंदरगाह से जारी बयान के अनुसार, इसमें से 20,000 मीट्रिक टन एलपीजी मुंद्रा बंदरगाह पर उतारी जाएगी, जबकि 26,000 मीट्रिक टन एलपीजी मंगलुरु में उतारी जाएगी। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए आयात पर काफी निर्भर है। देश लगभग 88 प्रतिशत कच्चा तेल, 50 प्रतिशत प्राकृतिक गैस और 60 प्रतिशत एलपीजी आयात करता है।

PNSPNS
Mar 18, 2026 - 10:15
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शिवालिक के बाद अब नंदा देवी ने गुजरात के तट पर डाला डेरा, 92700 मीट्रिक टन LPG आ गया भारत
शिवालिक जहाज के बाद नंदा देवी टैंकर 47,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर गुजरात के वडीनार बंदरगाह पर पहुंचा। 47,000 मीट्रिक टन से अधिक द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) लेकर आया ये जहाज वडीनार बंदरगाह पर पहुंच गया है। मध्य पूर्व में गहराते संकट के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाला यह दूसरा जहाज है। एक दिन पहले, शिवालिक नामक दूसरा एलपीजी टैंकर, जिसे संघर्षग्रस्त होर्मुज जलडमरूमध्य से पारगमन की अनुमति दी गई थी, 46,000 मीट्रिक टन से अधिक एलपीजी लेकर गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर पहुंचा। इसमें लगभग 32.4 लाख मानक 14.2 किलोग्राम के घरेलू सिलेंडरों के बराबर एलपीजी थी, जिनका उपयोग भारतीय घरों में होता है। अधिकारियों का अनुमान है कि यह जहाज अकेले ही भारत की कुल एलपीजी आयात आवश्यकता का लगभग एक दिन का हिस्सा पूरा कर सकता है।

इससे पहले शिवालिक मुंद्रा बंदरगाह पर पहुंचा

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच भारत का एलपीजी वाहक जहाज ‘शिवालिक’ सुरक्षित रूप से गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर पहुंच गया है। गुजरात के कृषि मंत्री एवं राज्य सरकार के प्रवक्ता जीतू वाघाणी ने सोमवार को विधानसभा में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ईरान, इजराइल और अन्य देशों से जुड़े वैश्विक तनाव के बावजूद जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरकर भारत पहुंचा। वाघाणी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विश्व नेताओं के साथ मजबूत कूटनीतिक संबंधों के कारण यह संभव हो सका। वाघाणी ने सदन में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सफल कूटनीतिक प्रयासों के चलते भारत का ‘शिवालिक’ जहाज एलपीजी लेकर सुरक्षित रूप से गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पहुंच गया।’’ उन्होंने बताया कि एक अन्य जहाज ‘नंदादेवी’ भी होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजर चुका है और मंगलवार को उसके गुजरात के वाडिनार बंदरगाह पहुंचने की संभावना है। मुंद्रा बंदरगाह के अधिकारियों ने पुष्टि की कि ‘शिवालिक’ जहाज इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) के लिए मंगाए गए 46,000 मीट्रिक टन एलपीजी के साथ बंदरगाह पर पहुंचा है। बंदरगाह से जारी बयान के अनुसार, इसमें से 20,000 मीट्रिक टन एलपीजी मुंद्रा बंदरगाह पर उतारी जाएगी, जबकि 26,000 मीट्रिक टन एलपीजी मंगलुरु में उतारी जाएगी। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए आयात पर काफी निर्भर है। देश लगभग 88 प्रतिशत कच्चा तेल, 50 प्रतिशत प्राकृतिक गैस और 60 प्रतिशत एलपीजी आयात करता है।

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