भारत के कितने लड़ाकू विमान गिराए गए? पहली बार CDS Anil चौहान ने बता दिया सच
भारत ने ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम देकर पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों को तबाह किया था। जिस तरह से भारत ने इस ऑपरेशन को पूरा किया। उसके बाद पाकिस्तान के एक के बाद एक दावों की पोल खुलने लगी। लेकिन इन सब के बीच पाकिस्तान द्वारा एक ऐसा दावा भी किया गया था, जिसे लेकर भारतीय पक्ष से अब तक कोई जवाब नहीं आया था। पाकिस्तान का दावा था कि उसने भारत के पांच फाइटर जेट्स मार गिराए हैं। अब इसके जवाब में भारत ने पहली बार इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने स्वीकारा कि भारत का लड़ाकू विमान भी इसमें नष्ट हुआ है। हालांकि चार दिन तक चले इस संघर्ष को लेकर सीडीएस अनिल चौहान ने बताया कि कभी भी परमाणु युद्ध की नौबत नहीं आई। इसे भी पढ़ें: जिस मुल्क को अतातुर्क ने बनाया सेकुलर, उसे एर्दोगन ने कट्टरपंथ के मरकज में किया तब्दील, कैसे 100 सालों में बदला तुर्कीचीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान पहले भारतीय अधिकारी बन गए हैं जिन्होंने पुष्टि की है कि 7 मई को पाकिस्तान के साथ झड़पों में भारतीय वायुसेना ने कुछ लड़ाकू गंवा दिए हैं। सिंगापुर में ब्लूमबर्ग टीवी को दिए एक साक्षात्कार में हालांकि उन्होंने उस रात भारत द्वारा खोए गए लड़ाकू विमानों की सटीक संख्या बताने से इनकार कर दिया। जनरल चौहान ने 30 मई को सिंगापुर में शांगरी-ला डायलॉग में भाग लेने के दौरान दिए गए साक्षात्कार में कहा कि महत्वपूर्ण बात यह नहीं है कि विमान गिरा, बल्कि यह है कि वे क्यों गिराए गए। लड़ाकू विमानों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा वे क्यों गिरे, क्या गलतियाँ हुईं - यही महत्वपूर्ण है। संख्याएँ महत्वपूर्ण नहीं हैं।इसे भी पढ़ें: आतंकियों ने भारत की नारी शक्ति को चुनौती दी, PM मोदी बोले, ऑपरेशन सिंदूर भारत के इतिहास का सबसे बड़ा और सफल ऑपेरशनउन्होंने पाकिस्तान के इस दावे को भी बिल्कुल गलत बताया कि उसने उस रात छह भारतीय लड़ाकू विमानों को मार गिराया था। चार दिवसीय संघर्ष के दौरान और उसके बाद अपने आधिकारिक मीडिया ब्रीफिंग में विदेश सचिव विक्रम मिस्री और वायु संचालन महानिदेशक एयर मार्शल एके भारती ने नुकसान से इनकार नहीं किया था। भारती ने कहा था कि हम युद्ध की स्थिति में हैं और नुकसान युद्ध का एक हिस्सा है, लेकिन उन्होंने कोई भी विवरण देने से इनकार कर दिया। जनरल चौहान नुकसान की पुष्टि करने वाले पहले अधिकारी बन गए हैं।इसे भी पढ़ें: China की सीक्रेंट एजेंसी को पहली बार देख हिली दुनिया, भारत ने लगाया चाणक्य वाला दिमाग सीडीएस ने इस बात पर जोर दिया कि भारत ने उन नुकसानों से सबक सीखा है और संघर्ष के दौरान उन्हें लागू किया है। इस महीने की शुरुआत में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दावा किया था कि उनके देश ने संघर्ष की पहली रात को तीन फ्रांसीसी राफेल सहित छह भारतीय लड़ाकू विमानों को मार गिराया था। Stay updated with Latest International News in Hindi on Prabhasakshi
भारत ने ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम देकर पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों को तबाह किया था। जिस तरह से भारत ने इस ऑपरेशन को पूरा किया। उसके बाद पाकिस्तान के एक के बाद एक दावों की पोल खुलने लगी। लेकिन इन सब के बीच पाकिस्तान द्वारा एक ऐसा दावा भी किया गया था, जिसे लेकर भारतीय पक्ष से अब तक कोई जवाब नहीं आया था। पाकिस्तान का दावा था कि उसने भारत के पांच फाइटर जेट्स मार गिराए हैं। अब इसके जवाब में भारत ने पहली बार इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने स्वीकारा कि भारत का लड़ाकू विमान भी इसमें नष्ट हुआ है। हालांकि चार दिन तक चले इस संघर्ष को लेकर सीडीएस अनिल चौहान ने बताया कि कभी भी परमाणु युद्ध की नौबत नहीं आई।
इसे भी पढ़ें: जिस मुल्क को अतातुर्क ने बनाया सेकुलर, उसे एर्दोगन ने कट्टरपंथ के मरकज में किया तब्दील, कैसे 100 सालों में बदला तुर्की
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान पहले भारतीय अधिकारी बन गए हैं जिन्होंने पुष्टि की है कि 7 मई को पाकिस्तान के साथ झड़पों में भारतीय वायुसेना ने कुछ लड़ाकू गंवा दिए हैं। सिंगापुर में ब्लूमबर्ग टीवी को दिए एक साक्षात्कार में हालांकि उन्होंने उस रात भारत द्वारा खोए गए लड़ाकू विमानों की सटीक संख्या बताने से इनकार कर दिया। जनरल चौहान ने 30 मई को सिंगापुर में शांगरी-ला डायलॉग में भाग लेने के दौरान दिए गए साक्षात्कार में कहा कि महत्वपूर्ण बात यह नहीं है कि विमान गिरा, बल्कि यह है कि वे क्यों गिराए गए। लड़ाकू विमानों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा वे क्यों गिरे, क्या गलतियाँ हुईं - यही महत्वपूर्ण है। संख्याएँ महत्वपूर्ण नहीं हैं।
इसे भी पढ़ें: आतंकियों ने भारत की नारी शक्ति को चुनौती दी, PM मोदी बोले, ऑपरेशन सिंदूर भारत के इतिहास का सबसे बड़ा और सफल ऑपेरशन
उन्होंने पाकिस्तान के इस दावे को भी बिल्कुल गलत बताया कि उसने उस रात छह भारतीय लड़ाकू विमानों को मार गिराया था। चार दिवसीय संघर्ष के दौरान और उसके बाद अपने आधिकारिक मीडिया ब्रीफिंग में विदेश सचिव विक्रम मिस्री और वायु संचालन महानिदेशक एयर मार्शल एके भारती ने नुकसान से इनकार नहीं किया था। भारती ने कहा था कि हम युद्ध की स्थिति में हैं और नुकसान युद्ध का एक हिस्सा है, लेकिन उन्होंने कोई भी विवरण देने से इनकार कर दिया। जनरल चौहान नुकसान की पुष्टि करने वाले पहले अधिकारी बन गए हैं।
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सीडीएस ने इस बात पर जोर दिया कि भारत ने उन नुकसानों से सबक सीखा है और संघर्ष के दौरान उन्हें लागू किया है। इस महीने की शुरुआत में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दावा किया था कि उनके देश ने संघर्ष की पहली रात को तीन फ्रांसीसी राफेल सहित छह भारतीय लड़ाकू विमानों को मार गिराया था।
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