निवेश के नियमों में ढील: SEBI का REITs और InvITs को लिक्विड म्यूचुअल फंड में निवेश का दायरा बढ़ाने का प्रस्ताव

बाजार नियामक सेबी ने बृहस्पतिवार को रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट (रीट) और बुनियादी ढांचा निवेश ट्रस्ट (इनविट) के लिए ‘लिक्विड’ म्यूचुअल फंड योजनाओं में निवेश का दायरा बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। मौजूदा पात्रता मानदंड निवेश विकल्पों को सीमित करते हैं। लिक्विड म्यूचुअल फंड एक प्रकार की निश्चित आय वाली (बॉन्ड) म्यूचुअल फंड योजना है जो बहुत ही अल्पकालिक मुद्रा बाजार निवेश उत्पादों में निवेश करता है। ये बचत खातों की तुलना में उच्च नकदी, पूंजी की सुरक्षा और बेहतर रिटर्न प्रदान करते हैं।इसे भी पढ़ें: Amit Shah का Masterstroke! Delhi से शुरू हुई 'Bharat Taxi', 3 साल में Kashmir तक विस्तार का प्लान वर्तमान में, ऐसे निवेश उच्च क्रेडिट जोखिम मूल्य और शीर्ष जोखिम वर्गीकरण वाली ‘लिक्विड’ योजनाओं तक ही सीमित हैं। ये प्रस्ताव रीट और इनविट में व्यापार करने में सुगमता लाने के लिए सेबी के प्रयासों का हिस्सा हैं। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कहा कि वह उचित सुरक्षा उपायों को बनाए रखते हुए रीट और इनविट के लिए अधिक निवेश मजबूती प्रदान करने को लेकर बदलावों पर गौर कर रहा है।इसे भी पढ़ें: Maharashtra | गढ़चिरौली मुठभेड़! 24 घंटे से जारी जंग में एक नक्सली ढेर, सी-60 कमांडो घायल, AK-47 बरामद सेबी ने अपने परामर्श पत्र में यह भी प्रस्ताव दिया है कि रियायती समझौतों की समाप्ति या निरस्तीकरण के बाद भी इनविट को विशेष उद्देश्यीय इकाइयों (एसपीपवी) में निवेश जारी रखने की अनुमति दी जाए। इसमें इस बात को स्वीकार किया गया कि वैधानिक, संविदात्मक, कर या मुकदमेबाजी संबंधी दायित्वों को पूरा करने के लिए ऐसी संस्थाओं का परिचालन में बनाये रखना आवश्यक हो सकता है। सेबी ने इस प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए एसपीवी की परिमें संशोधन का प्रस्ताव दिया है। इसमें एक निश्चित निकास या पुनर्निवेश समयसीमा और इनविटेशनल इन्वेस्टमेंट (इनविटेशनल इन्वेस्टमेंट) और एसपीवी दोनों स्तरों पर बेहतर खुलासे जैसी शर्तें शामिल हैं। नियामक ने इन प्रस्तावों पर 26 फरवरी तक संबंधित पक्षों से टिप्पणियां आमंत्रित की हैं।

PNSPNS
Feb 9, 2026 - 11:41
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निवेश के नियमों में ढील: SEBI का REITs और InvITs को लिक्विड म्यूचुअल फंड में निवेश का दायरा बढ़ाने का प्रस्ताव

बाजार नियामक सेबी ने बृहस्पतिवार को रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट (रीट) और बुनियादी ढांचा निवेश ट्रस्ट (इनविट) के लिए ‘लिक्विड’ म्यूचुअल फंड योजनाओं में निवेश का दायरा बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। मौजूदा पात्रता मानदंड निवेश विकल्पों को सीमित करते हैं। लिक्विड म्यूचुअल फंड एक प्रकार की निश्चित आय वाली (बॉन्ड) म्यूचुअल फंड योजना है जो बहुत ही अल्पकालिक मुद्रा बाजार निवेश उत्पादों में निवेश करता है। ये बचत खातों की तुलना में उच्च नकदी, पूंजी की सुरक्षा और बेहतर रिटर्न प्रदान करते हैं।

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वर्तमान में, ऐसे निवेश उच्च क्रेडिट जोखिम मूल्य और शीर्ष जोखिम वर्गीकरण वाली ‘लिक्विड’ योजनाओं तक ही सीमित हैं। ये प्रस्ताव रीट और इनविट में व्यापार करने में सुगमता लाने के लिए सेबी के प्रयासों का हिस्सा हैं। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कहा कि वह उचित सुरक्षा उपायों को बनाए रखते हुए रीट और इनविट के लिए अधिक निवेश मजबूती प्रदान करने को लेकर बदलावों पर गौर कर रहा है।

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सेबी ने अपने परामर्श पत्र में यह भी प्रस्ताव दिया है कि रियायती समझौतों की समाप्ति या निरस्तीकरण के बाद भी इनविट को विशेष उद्देश्यीय इकाइयों (एसपीपवी) में निवेश जारी रखने की अनुमति दी जाए। इसमें इस बात को स्वीकार किया गया कि वैधानिक, संविदात्मक, कर या मुकदमेबाजी संबंधी दायित्वों को पूरा करने के लिए ऐसी संस्थाओं का परिचालन में बनाये रखना आवश्यक हो सकता है।

सेबी ने इस प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए एसपीवी की परिमें संशोधन का प्रस्ताव दिया है। इसमें एक निश्चित निकास या पुनर्निवेश समयसीमा और इनविटेशनल इन्वेस्टमेंट (इनविटेशनल इन्वेस्टमेंट) और एसपीवी दोनों स्तरों पर बेहतर खुलासे जैसी शर्तें शामिल हैं। नियामक ने इन प्रस्तावों पर 26 फरवरी तक संबंधित पक्षों से टिप्पणियां आमंत्रित की हैं।

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