तुरंत तेहरान छोड़ दें...इधर रूबियो ने जयशंकर को फोन घुमाया, उधर झट से भारत ने ईरान पर बड़ा अलर्ट जारी कर दिया

ईरान में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ दो हफ्ते से जारी विद्रोह में अब तक 2 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं ईरान को लेकर अमेरिका की तरफ से रोज नई चेतावनी आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी नागरिकों से कहा कि वे प्रदर्शन जारी रखें, मदद रास्ते में है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह मदद किस रूप में होगी। ट्रंप ने साफ कहा है कि प्रदर्शनकारियों की हत्याएं बंद होने तक किसी भी तरह की बातचीत नहीं होगी और जिम्मेदार लोगों को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी। अमेरिकी के इन बयानों के बाद से ही कहा जा रहा है कि कभी भी ईरान पर कोई बड़ा ऑपरेशन देखने को मिल सकता है। इन सब के बीच भारत ने भी एक बड़ा कदम उठा लिया है। इसे भी पढ़ें: 12000Cr के चावल निर्यात पर संकट, सेब, खजूर और कीवी हो जाएंगे महंगे, Trump का 25 % टैरिफ भारत को कितना नुकसान पहुंचाएगा?ईरान के विभिन्न हिस्सों में जारी विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर, तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एक नई सलाह जारी की है। यह सलाह बदलती सुरक्षा स्थिति को देखते हुए जारी की गई है। 5 जनवरी, 2025 को जारी की गई पिछली सूचना के क्रम में दूतावास ने ईरान में मौजूद भारतीयों को सलाह दी है कि यदि संभव हो तो वे देश छोड़ दें। इसमें छात्र, तीर्थयात्री, व्यापारी और पर्यटक शामिल हैं। दूतावास ने कहा कि वाणिज्यिक उड़ानों सहित किसी भी उपलब्ध साधन के माध्यम से प्रस्थान किया जा सकता है।इसे भी पढ़ें: Iran में हिंसक Protest, Nepal ने अपने नागरिकों के लिए जारी की Travel Advisoryविरोध प्रदर्शन वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की सलाहईरान में दूतावास ने सभी भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के व्यक्तियों (पीआईओ) से सतर्क रहने का आग्रह किया है। उन्हें उन क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है जहां विरोध प्रदर्शन या धरने हो रहे हैं। देश में मौजूद भारतीयों से स्थानीय समाचारों पर नज़र रखने का भी आग्रह किया गया है।दूतावास के संपर्क में रहेंभारतीय नागरिकों से सहायता के लिए तेहरान स्थित भारतीय दूतावास के साथ नियमित संपर्क में रहने का अनुरोध किया गया है। दूतावास ने आपात स्थिति में संपर्क में रहने के महत्व पर जोर दिया है। सलाह में भारतीय नागरिकों से अपने पासपोर्ट, पहचान पत्र और अन्य आव्रजन दस्तावेज़ हर समय तैयार रखने को भी कहा गया है। दस्तावेज़ीकरण से संबंधित किसी भी सहायता की आवश्यकता होने पर दूतावास से सीधे संपर्क करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।रूबियो जयशंकर में बात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो की तरफ से भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर को एक फोन कॉल किया गया। जिसकी जानकारी खुद एस जयशंकर ने सोशल पोस्ट के जरिए दी। हालांकि उन्होंने अमेरिकी समकक्ष के संग व्यापार, महत्वपूर्ण खनिजों, परमाणु सहयोग, रक्षा और ऊर्जा पर चर्चा की बात कही है। लेकिन इसके कुछ ही घंटों बाद भारतीय दूतावास की तरफ से जारी ये एडवाइजरी ने अटकलों को तेज कर दिया है कि क्या रूबियो ने कहीं ईरान पर अमेरिकी प्लान का जिक्र तो कहीं एस जयशंकर से नहीं किया। 

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Jan 15, 2026 - 14:05
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तुरंत तेहरान छोड़ दें...इधर रूबियो ने जयशंकर को फोन घुमाया, उधर झट से भारत ने ईरान पर बड़ा अलर्ट जारी कर दिया

ईरान में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ दो हफ्ते से जारी विद्रोह में अब तक 2 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं ईरान को लेकर अमेरिका की तरफ से रोज नई चेतावनी आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी नागरिकों से कहा कि वे प्रदर्शन जारी रखें, मदद रास्ते में है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह मदद किस रूप में होगी। ट्रंप ने साफ कहा है कि प्रदर्शनकारियों की हत्याएं बंद होने तक किसी भी तरह की बातचीत नहीं होगी और जिम्मेदार लोगों को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी। अमेरिकी के इन बयानों के बाद से ही कहा जा रहा है कि कभी भी ईरान पर कोई बड़ा ऑपरेशन देखने को मिल सकता है। इन सब के बीच भारत ने भी एक बड़ा कदम उठा लिया है। 

इसे भी पढ़ें: 12000Cr के चावल निर्यात पर संकट, सेब, खजूर और कीवी हो जाएंगे महंगे, Trump का 25 % टैरिफ भारत को कितना नुकसान पहुंचाएगा?

ईरान के विभिन्न हिस्सों में जारी विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर, तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एक नई सलाह जारी की है। यह सलाह बदलती सुरक्षा स्थिति को देखते हुए जारी की गई है। 5 जनवरी, 2025 को जारी की गई पिछली सूचना के क्रम में दूतावास ने ईरान में मौजूद भारतीयों को सलाह दी है कि यदि संभव हो तो वे देश छोड़ दें। इसमें छात्र, तीर्थयात्री, व्यापारी और पर्यटक शामिल हैं। दूतावास ने कहा कि वाणिज्यिक उड़ानों सहित किसी भी उपलब्ध साधन के माध्यम से प्रस्थान किया जा सकता है।

इसे भी पढ़ें: Iran में हिंसक Protest, Nepal ने अपने नागरिकों के लिए जारी की Travel Advisory

विरोध प्रदर्शन वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की सलाह

ईरान में दूतावास ने सभी भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के व्यक्तियों (पीआईओ) से सतर्क रहने का आग्रह किया है। उन्हें उन क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है जहां विरोध प्रदर्शन या धरने हो रहे हैं। देश में मौजूद भारतीयों से स्थानीय समाचारों पर नज़र रखने का भी आग्रह किया गया है।

दूतावास के संपर्क में रहें

भारतीय नागरिकों से सहायता के लिए तेहरान स्थित भारतीय दूतावास के साथ नियमित संपर्क में रहने का अनुरोध किया गया है। दूतावास ने आपात स्थिति में संपर्क में रहने के महत्व पर जोर दिया है। सलाह में भारतीय नागरिकों से अपने पासपोर्ट, पहचान पत्र और अन्य आव्रजन दस्तावेज़ हर समय तैयार रखने को भी कहा गया है। दस्तावेज़ीकरण से संबंधित किसी भी सहायता की आवश्यकता होने पर दूतावास से सीधे संपर्क करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।

रूबियो जयशंकर में बात 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो की तरफ से भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर को एक फोन कॉल किया गया। जिसकी जानकारी खुद एस जयशंकर ने सोशल पोस्ट के जरिए दी। हालांकि उन्होंने अमेरिकी समकक्ष के संग व्यापार, महत्वपूर्ण खनिजों, परमाणु सहयोग, रक्षा और ऊर्जा पर चर्चा की बात कही है। लेकिन इसके कुछ ही घंटों बाद भारतीय दूतावास की तरफ से जारी ये एडवाइजरी ने अटकलों को तेज कर दिया है कि क्या रूबियो ने कहीं ईरान पर अमेरिकी प्लान का जिक्र तो कहीं एस जयशंकर से नहीं किया। 

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