चिपको आंदोलन की 52वीं वर्षगांठ: जंगल बचाने का अनूठा संघर्ष, सत्तर के दशक में जब देश में नहीं थे सख्त कानून
सत्तर के दशक में जब देश में सख्त कानून नहीं थे और जंगलों को अंधाधुंध काटा जा रहा था, तब चमोली जनपद के रैणी गांव में गौरा देवी के नेतृत्व में महिलाओं ने पेड़ों से चिपककर कटने से बचाया था।
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