ग़ाज़ा: स्कूली बस्ते के बजाय बच्चों के हाथों में सूटकेस, शरणस्थल में तब्दील हुई कक्षाएँ
“पढ़ाई करने के बजाय हम स्कूल में रह रहे हैं.” डिएना ने ग़ाज़ा पट्टी के हज़ारों बच्चों की मौजूदा स्थिति को इन शब्दों में बयाँ किया, जहाँ युद्ध ने उनकी ज़िन्दगी पूरी तरह बदल दी है और अब वो लगातार तीसरे साल शिक्षा से वंचित होने के जोखिम का सामना कर रही हैं.
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