UN में भारत को फंसा रहे थे चीन-पाक, ट्रंप ने पलटी बाजी!

पाकिस्तान में कैसे खुलेआम आतंकी फैक्ट्रियां चलती है और इन्हें पालने पोसने का काम कैसे वहां की सरकार और सेना करती है। यह बात भी जगजाहिर है। जिनका इस्तेमाल खासकर भारत के खिलाफ किया जाता है। लेकिन फिर भी पाकिस्तान इस बात को छुपाने के लिए आए दिन नए-नए प्रोपेगेंडा लेकर सामने आता रहता है। हालांकि वह अपने इस प्रोपेगेंडा में खुद ही फंस जाता है। एक बार फिर जब पाकिस्तान ने यूएन में अपने सदाबहार दोस्त चीन का सहारा लेकर भारत को फंसाने की कोशिश की, तो अमेरिका ने ऐसी पटकी मारी कि पाकिस्तान को चारों खाने चित कर दिया और पाकिस्तान की वो साजिश फेल हो गई जिसके लिए वो कई सालों से कोशिशें कर रहा था। यह कहावत तो आपने सुनी होगी कि 100 चूहे खाकर बिल्ली हज को चली। वैसा ही कुछ हाल पाकिस्तान का है। जो पाकिस्तान आतंकी मंडियों के चलाने के लिए मशहूर है, वह अब आतंकवाद को लेकर भारत को घेरने की कोशिशें कर रहा है और उसकी ये कोशिश इस बार उस अमेरिका ने ही फेल कर दी जिस पर वो कुछ समय से कुछ ज्यादा ही उछल रहा था। इसे भी पढ़ें: इजराइल ने UN में अचानक निकाल लिया ड्रोन, पूरी दुनिया में तहलका!दरअसल पाकिस्तान और चीन को संयुक्त राष्ट्र यानी यूएन में बड़ा झटका लगा है। आमिर खान ने बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी यानी बीएएलए और उसकी मजीद ब्रिगेड को यूएन की 10,267 प्रतिबंधन लिस्ट में शामिल करने के चीन पाकिस्तान के प्रस्ताव को रोक दिया है। अमेरिका का साफ कहना है कि इन संगठनों के अलकायदा या आईएसआईएस से जुड़े होने का कोई ठोस सबूत नहीं है। अमेरिका का यह दाव पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर की रणनीति के लिए बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है। मुनी लगातार बलूच संगठनों को भारत से जोड़ने की कोशिश करता रहा है। बीएलए जिस तरह से पाकिस्तानी सैनिकों को मौत के घाट उतार रही है, उसका दोष भी पाकिस्तान लगातार भारत पर ही मरता रहा है। हालांकि भारत उसके इन आरोपों की हवा भी निकाल रहा है। इसे भी पढ़ें: इजरायल में Burner Phone का इस्तेमाल, Pentagon को शक- दोस्त ही कर रहा अमेरिकी Officials की जासूसीदरअसल पाकिस्तान और चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 आतंकवाद प्रतिबंध व्यवस्था के तहत बीएएलए और मस्जिद ब्रिगेड को प्रतिबंधित लिस्ट में डालने का प्रस्ताव रखा था। यह वही व्यवस्था है जिसका इस्तेमाल अलकायदा और आईएसआईएस से जुड़े संगठनों और व्यक्तियों पर वैश्विक प्रतिबंध लगाने के लिए किया जाता है। पाकिस्तान ने सोचा था कि बीएएलए और मस्जिद ब्रिगेड को प्रतिबंध लिस्ट में डाल दिया गया तो ये संगठन आतंकी घोषित हो जाएंगे और फिर भारत को आतंकवाद के मुद्दे पर घेरने का प्रोपेगेंडा शुरू हो जाएगा। भारत ने इस मामले में सक्रिय कूटनीतिक का दमदार प्रदर्शन किया। फ्रांस ने भी भारत के रूप का खुलकर सपोर्ट किया। ठीक उसी तरह जैसे भारत के प्रस्तावों को चीन की मदद से पाकिस्तान रोकता है।

PNSPNS
Jun 9, 2026 - 09:57
 0
UN में भारत को फंसा रहे थे चीन-पाक, ट्रंप ने पलटी बाजी!
पाकिस्तान में कैसे खुलेआम आतंकी फैक्ट्रियां चलती है और इन्हें पालने पोसने का काम कैसे वहां की सरकार और सेना करती है। यह बात भी जगजाहिर है। जिनका इस्तेमाल खासकर भारत के खिलाफ किया जाता है। लेकिन फिर भी पाकिस्तान इस बात को छुपाने के लिए आए दिन नए-नए प्रोपेगेंडा लेकर सामने आता रहता है। हालांकि वह अपने इस प्रोपेगेंडा में खुद ही फंस जाता है। एक बार फिर जब पाकिस्तान ने यूएन में अपने सदाबहार दोस्त चीन का सहारा लेकर भारत को फंसाने की कोशिश की, तो अमेरिका ने ऐसी पटकी मारी कि पाकिस्तान को चारों खाने चित कर दिया और पाकिस्तान की वो साजिश फेल हो गई जिसके लिए वो कई सालों से कोशिशें कर रहा था। यह कहावत तो आपने सुनी होगी कि 100 चूहे खाकर बिल्ली हज को चली। वैसा ही कुछ हाल पाकिस्तान का है। जो पाकिस्तान आतंकी मंडियों के चलाने के लिए मशहूर है, वह अब आतंकवाद को लेकर भारत को घेरने की कोशिशें कर रहा है और उसकी ये कोशिश इस बार उस अमेरिका ने ही फेल कर दी जिस पर वो कुछ समय से कुछ ज्यादा ही उछल रहा था। 

इसे भी पढ़ें: इजराइल ने UN में अचानक निकाल लिया ड्रोन, पूरी दुनिया में तहलका!

दरअसल पाकिस्तान और चीन को संयुक्त राष्ट्र यानी यूएन में बड़ा झटका लगा है। आमिर खान ने बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी यानी बीएएलए और उसकी मजीद ब्रिगेड को यूएन की 10,267 प्रतिबंधन लिस्ट में शामिल करने के चीन पाकिस्तान के प्रस्ताव को रोक दिया है। अमेरिका का साफ कहना है कि इन संगठनों के अलकायदा या आईएसआईएस से जुड़े होने का कोई ठोस सबूत नहीं है। अमेरिका का यह दाव पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर की रणनीति के लिए बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है। मुनी लगातार बलूच संगठनों को भारत से जोड़ने की कोशिश करता रहा है। बीएलए जिस तरह से पाकिस्तानी सैनिकों को मौत के घाट उतार रही है, उसका दोष भी पाकिस्तान लगातार भारत पर ही मरता रहा है। हालांकि भारत उसके इन आरोपों की हवा भी निकाल रहा है। 

इसे भी पढ़ें: इजरायल में Burner Phone का इस्तेमाल, Pentagon को शक- दोस्त ही कर रहा अमेरिकी Officials की जासूसी

दरअसल पाकिस्तान और चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 आतंकवाद प्रतिबंध व्यवस्था के तहत बीएएलए और मस्जिद ब्रिगेड को प्रतिबंधित लिस्ट में डालने का प्रस्ताव रखा था। यह वही व्यवस्था है जिसका इस्तेमाल अलकायदा और आईएसआईएस से जुड़े संगठनों और व्यक्तियों पर वैश्विक प्रतिबंध लगाने के लिए किया जाता है। पाकिस्तान ने सोचा था कि बीएएलए और मस्जिद ब्रिगेड को प्रतिबंध लिस्ट में डाल दिया गया तो ये संगठन आतंकी घोषित हो जाएंगे और फिर भारत को आतंकवाद के मुद्दे पर घेरने का प्रोपेगेंडा शुरू हो जाएगा। भारत ने इस मामले में सक्रिय कूटनीतिक का दमदार प्रदर्शन किया। फ्रांस ने भी भारत के रूप का खुलकर सपोर्ट किया। ठीक उसी तरह जैसे भारत के प्रस्तावों को चीन की मदद से पाकिस्तान रोकता है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow