Trump ने तुड़वा दी मुस्लिम देशों की एकता? ईरान के बाद तबाही पर अकेला रोता रहा सीरिया, ओवल ऑफिस में चल रहा था डिनर
ईरान पर मिसाइलों की बरसात करने के बाद अब एक और इस्लामिक देश इजरायल का अगला निशाना बना हुआ है। दक्षिण-पश्चिम एशिया का देश सीरिया इस वक्त इजरायल के अटैक का शिकार हो रहा है। आलम ये है कि उसकी राजधानी तक पर ताबड़तोड़ हमले किए गए और रक्षा मंत्रालय को भी अपने हमलों से दहला दिया है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि इजरायल की तरफ से गाजा से लेकर ईरान और अब सीरिया तक पर हमला किया जा रहा है तो इस्लामिक देशों ने चुप्पी क्यों साध रखी है। सबसे दिलचस्प बात तो ये रही कि जब इजरायल की तरफ से ताबड़तोड़ मिसाइलें दागी जा रही थी तो कुछ मुस्लिम देशों के बड़े बड़े नेता ट्रंप के साथ लंच करते नजर आए। जिसके बाद से ये कहा जा रहा है कि क्या मुस्लिम देशों की एकता टूट चुकी है। मुस्लिम देश अब एक दूसरे का साथ देने या मुसीबत में हाथ थामने से कतराती नजर आ रही है। इसे भी पढ़ें: कुछ बड़ा करने की फिराक में अमेरिका? ट्रंप कौन सा लेटर भारत भेजने वाले हैंसीरिया के रक्षा मंत्रालय को किया धुंआ धुंआइज़राइल ने सीरियाई सेना के मुख्यालय और राजधानी दमिश्क स्थित राष्ट्रपति भवन के पास हमला किया है, जिससे ज़मीनी स्तर पर स्थिति और बिगड़ गई है। इज़राइली रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज़ ने एक बयान में कहा कि इज़राइली सेना ने दमिश्क स्थित सीरियाई सैन्य मुख्यालय के प्रवेश द्वार पर हमला किया है। ये हमले कैट्ज़ द्वारा सीरियाई सरकार को सुवेदा से हटने की धमकी देने के कुछ ही घंटों बाद हुए हैं, जहाँ हाल के दिनों में सीरियाई सरकार और ड्रूज़ अल्पसंख्यक समुदाय के लड़ाकों के बीच भीषण झड़पें हुई हैं। इज़राइल, जिन्हें सीरिया में एक संभावित सहयोगी मानता है और उनकी रक्षा के लिए हस्तक्षेप करने का दावा करता है।20 फलस्तीनियों की मौत गाजा में इजराइल समर्थित अमेरिकी सहायता संगठन ने कहा कि राहत सहायता वितरण केंद्र के निकट 20 फलस्तीनियों की मौत हुई है। इससे पहले, अस्पताल के अधिकारियों ने बताया था कि इजराइली हमलों में 11 बच्चों समेत 41 लोगों की मौत हुई है। गाजा ह्यूमैनिटेरियन फंड (जीएचएफ) ने कहा कि दक्षिण गाजा के खान यूनिस शहर में स्थित वितरण केंद्र पर 19 लोगों की मौत भगदड़ में कुचलने से हुई। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय व प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जीएचएफ कार्यकर्ताओं ने भीड़ पर आंसू गैस के गोले दागे, जिससे भगदड़ मच गई। इसे भी पढ़ें: Modi-Putin की दोस्ती से बौखलाए 32 देश, प्रतिबंध की धमकी का भारत-रूस ऐसे देंगे जवाब, उड़ जाएंगे NATO-अमेरिका के होश!डिनर पर ट्रंप ने कर दिया खेल इन हमलों से इतर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में दो खाड़ी देशों के नेताओं से मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई जब इजराइल और सीरिया के बीच हिंसा ने पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने के ट्रंप के संकल्प पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। ट्रंप ने ओवल ऑफिस में बहरीन के युवराज सलमान बिन हमद अल खलीफा के साथ बैठक की और कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल सानी के साथ भोज किया। गाजा में जारी संघर्ष और क्षेत्र की अन्य ज्वलंत समस्याओं के बीच ट्रंप ने आर्थिक विकास के माध्यम से राजनयिक संबंधों को बढ़ावा देने पर अधिक ध्यान केंद्रित किया।
ईरान पर मिसाइलों की बरसात करने के बाद अब एक और इस्लामिक देश इजरायल का अगला निशाना बना हुआ है। दक्षिण-पश्चिम एशिया का देश सीरिया इस वक्त इजरायल के अटैक का शिकार हो रहा है। आलम ये है कि उसकी राजधानी तक पर ताबड़तोड़ हमले किए गए और रक्षा मंत्रालय को भी अपने हमलों से दहला दिया है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि इजरायल की तरफ से गाजा से लेकर ईरान और अब सीरिया तक पर हमला किया जा रहा है तो इस्लामिक देशों ने चुप्पी क्यों साध रखी है। सबसे दिलचस्प बात तो ये रही कि जब इजरायल की तरफ से ताबड़तोड़ मिसाइलें दागी जा रही थी तो कुछ मुस्लिम देशों के बड़े बड़े नेता ट्रंप के साथ लंच करते नजर आए। जिसके बाद से ये कहा जा रहा है कि क्या मुस्लिम देशों की एकता टूट चुकी है। मुस्लिम देश अब एक दूसरे का साथ देने या मुसीबत में हाथ थामने से कतराती नजर आ रही है।
इसे भी पढ़ें: कुछ बड़ा करने की फिराक में अमेरिका? ट्रंप कौन सा लेटर भारत भेजने वाले हैं
सीरिया के रक्षा मंत्रालय को किया धुंआ धुंआ
इज़राइल ने सीरियाई सेना के मुख्यालय और राजधानी दमिश्क स्थित राष्ट्रपति भवन के पास हमला किया है, जिससे ज़मीनी स्तर पर स्थिति और बिगड़ गई है। इज़राइली रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज़ ने एक बयान में कहा कि इज़राइली सेना ने दमिश्क स्थित सीरियाई सैन्य मुख्यालय के प्रवेश द्वार पर हमला किया है। ये हमले कैट्ज़ द्वारा सीरियाई सरकार को सुवेदा से हटने की धमकी देने के कुछ ही घंटों बाद हुए हैं, जहाँ हाल के दिनों में सीरियाई सरकार और ड्रूज़ अल्पसंख्यक समुदाय के लड़ाकों के बीच भीषण झड़पें हुई हैं। इज़राइल, जिन्हें सीरिया में एक संभावित सहयोगी मानता है और उनकी रक्षा के लिए हस्तक्षेप करने का दावा करता है।
20 फलस्तीनियों की मौत
गाजा में इजराइल समर्थित अमेरिकी सहायता संगठन ने कहा कि राहत सहायता वितरण केंद्र के निकट 20 फलस्तीनियों की मौत हुई है। इससे पहले, अस्पताल के अधिकारियों ने बताया था कि इजराइली हमलों में 11 बच्चों समेत 41 लोगों की मौत हुई है। गाजा ह्यूमैनिटेरियन फंड (जीएचएफ) ने कहा कि दक्षिण गाजा के खान यूनिस शहर में स्थित वितरण केंद्र पर 19 लोगों की मौत भगदड़ में कुचलने से हुई। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय व प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जीएचएफ कार्यकर्ताओं ने भीड़ पर आंसू गैस के गोले दागे, जिससे भगदड़ मच गई।
इसे भी पढ़ें: Modi-Putin की दोस्ती से बौखलाए 32 देश, प्रतिबंध की धमकी का भारत-रूस ऐसे देंगे जवाब, उड़ जाएंगे NATO-अमेरिका के होश!
डिनर पर ट्रंप ने कर दिया खेल
इन हमलों से इतर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में दो खाड़ी देशों के नेताओं से मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई जब इजराइल और सीरिया के बीच हिंसा ने पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने के ट्रंप के संकल्प पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। ट्रंप ने ओवल ऑफिस में बहरीन के युवराज सलमान बिन हमद अल खलीफा के साथ बैठक की और कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल सानी के साथ भोज किया। गाजा में जारी संघर्ष और क्षेत्र की अन्य ज्वलंत समस्याओं के बीच ट्रंप ने आर्थिक विकास के माध्यम से राजनयिक संबंधों को बढ़ावा देने पर अधिक ध्यान केंद्रित किया।
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