अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर अपना पूरा नियंत्रण होने का दावा दोहराया और तेहरान को ऐसी किसी भी कार्रवाई के खिलाफ चेतावनी दी जिसका कड़ा जवाब दिया जा सकता है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने ये बातें कहीं और तेहरान पर उनसे 'झूठ बोलने' का आरोप लगाया। ट्रंप ने कहा मुझे ईरान पर भरोसा नहीं है। मैं ईरान पर भरोसा करने वाला आखिरी व्यक्ति हूं। उन्होंने मुझसे लगातार झूठ बोला है। अभी होर्मुज जलडमरूमध्य पर हमारा पूरा नियंत्रण है। उनका नियंत्रण नहीं है। हमारा पूरा नियंत्रण है। यह हमारे अधिकार में है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को कोई भी कदम उठाने के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा कि उसे कड़े जवाब का सामना करना पड़ सकता है। हो सकता है कि किसी समय वे कुछ ऐसा करें और फिर उन्हें नेस्तनाबूद कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि अमेरिका अच्छी स्थिति में है और कहा अभी हम बहुत अच्छी स्थिति में हैं। हमारे सामने एक ऐसा देश है जो पचास सालों से मिडिल ईस्ट में दादागिरी करता रहा है... अब वे मिडिल ईस्ट में दादागिरी नहीं कर रहे हैं। ट्रंप का यह बयान ग्लोबल एनर्जी चोकपॉइंट (ऊर्जा आपूर्ति के अहम रास्ते) को लेकर बढ़े तनाव के बीच आया है।
इस बीच, ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर 'प्रेस टीवी' ने बताया कि विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने इस बात पर ज़ोर दिया कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पैगंबर आदम की रचना के समय से लेकर 28 फरवरी, 2026 तक खुला रहा है। साथ ही, उन्होंने पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए "अपमानजनक और अन्यायपूर्ण" प्रतिबंधों की कड़ी आलोचना की। प्रेस टीवी के अनुसार, बकाई ने होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति के लिए 'अमेरिका-इजरायल की आक्रामकता' को जिम्मेदार ठहराया और कहा, "हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास की स्थिति और वहां जो कुछ भी हुआ, वह अमेरिका और इजरायली शासन की सैन्य आक्रामकता के कारण हुआ था, जो अभी भी जारी है। जहां तक ईरान द्वारा शर्तें थोपने के दावों की बात है, तो उन्हें इस मामले पर अपनी सरकार से बात करनी चाहिए।