Petrol-Diesel पर Excise Duty में राहत, तेल कंपनियों के शेयरों में 4% का उछाल, Investors खुश

तेल मार्केटिंग कंपनियों के शेयरों में शुक्रवार को अच्छी तेजी देखने को मिली। हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के शेयर करीब चार प्रतिशत तक उछले। मौजूद जानकारी के अनुसार यह बढ़त सरकार द्वारा पेट्रोल पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क घटाने और डीजल पर इसे पूरी तरह खत्म करने के फैसले के बाद आई है।बता दें कि सरकार ने पेट्रोल पर यह शुल्क घटाकर तीन रुपये प्रति लीटर कर दिया है, जबकि डीजल पर इसे शून्य कर दिया गया है। गौरतलब है कि यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं और महंगाई को लेकर चिंता बढ़ रही है।इसी बीच नायरा एनर्जी द्वारा हाल ही में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी ने बाजार में दबाव और बढ़ा दिया था। कंपनी ने पेट्रोल की कीमत पांच रुपये और डीजल की कीमत तीन रुपये प्रति लीटर बढ़ाई थी। मौजूद जानकारी के अनुसार इस फैसले के बाद डीलरों ने मांग में गिरावट और आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई है।गौरतलब है कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हल्की नरमी भी देखने को मिली है, जिससे तेल कंपनियों को कुछ राहत मिली है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतों में उतार-चढ़ाव और लागत बढ़ने के कारण कंपनियों के मुनाफे पर दबाव बना रह सकता है।मौजूद जानकारी के अनुसार कई ब्रोकरेज फर्मों ने तेल कंपनियों के भविष्य को लेकर सतर्क रुख अपनाया है। उनका कहना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं तो कंपनियों के मार्जिन पर असर पड़ेगा और सरकार के पास भी ज्यादा राहत देने की सीमित गुंजाइश रह सकती है।कुल मिलाकर, अल्पकाल में सरकार के फैसले और कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी नरमी से राहत जरूर मिली है, लेकिन आगे का रास्ता अभी भी अनिश्चित बना हुआ है और बाजार की नजरें वैश्विक हालात और सरकारी नीतियों पर टिकी हुई हैं।

PNSPNS
Mar 28, 2026 - 12:35
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Petrol-Diesel पर Excise Duty में राहत, तेल कंपनियों के शेयरों में 4% का उछाल, Investors खुश
तेल मार्केटिंग कंपनियों के शेयरों में शुक्रवार को अच्छी तेजी देखने को मिली। हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के शेयर करीब चार प्रतिशत तक उछले। मौजूद जानकारी के अनुसार यह बढ़त सरकार द्वारा पेट्रोल पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क घटाने और डीजल पर इसे पूरी तरह खत्म करने के फैसले के बाद आई है।

बता दें कि सरकार ने पेट्रोल पर यह शुल्क घटाकर तीन रुपये प्रति लीटर कर दिया है, जबकि डीजल पर इसे शून्य कर दिया गया है। गौरतलब है कि यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं और महंगाई को लेकर चिंता बढ़ रही है।

इसी बीच नायरा एनर्जी द्वारा हाल ही में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी ने बाजार में दबाव और बढ़ा दिया था। कंपनी ने पेट्रोल की कीमत पांच रुपये और डीजल की कीमत तीन रुपये प्रति लीटर बढ़ाई थी। मौजूद जानकारी के अनुसार इस फैसले के बाद डीलरों ने मांग में गिरावट और आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई है।

गौरतलब है कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हल्की नरमी भी देखने को मिली है, जिससे तेल कंपनियों को कुछ राहत मिली है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतों में उतार-चढ़ाव और लागत बढ़ने के कारण कंपनियों के मुनाफे पर दबाव बना रह सकता है।

मौजूद जानकारी के अनुसार कई ब्रोकरेज फर्मों ने तेल कंपनियों के भविष्य को लेकर सतर्क रुख अपनाया है। उनका कहना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं तो कंपनियों के मार्जिन पर असर पड़ेगा और सरकार के पास भी ज्यादा राहत देने की सीमित गुंजाइश रह सकती है।

कुल मिलाकर, अल्पकाल में सरकार के फैसले और कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी नरमी से राहत जरूर मिली है, लेकिन आगे का रास्ता अभी भी अनिश्चित बना हुआ है और बाजार की नजरें वैश्विक हालात और सरकारी नीतियों पर टिकी हुई हैं।

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