हिमालय की गोद में बसे भगवान शिव के पावन धाम कैलाश मानसरोवर की यात्रा का इंतजार खत्म हो गया है। विदेश मंत्रालय ने इस पवित्र यात्रा के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। अगर आप भी महादेव के निवास स्थान के दर्शन करना चाहते हैं, तो 19 मई 2026 तक अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि प्रकृति के अद्भुत रूपों से रूबरू होने का एक अनूठा अवसर भी है।
यात्रा में कितना खर्च आएगा?
कैलाश मानसरोवर की यात्रा जून से सितंबर के बीच दो अलग-अलग रास्तों से पूरी की जाती है।
लिपुलेख दर्रा (उत्तराखंड): यह रास्ता अपनी प्राकृतिक सुंदरता और पहाड़ियों के लिए प्रसिद्ध है। इसमें करीब 22 दिन का समय लगता है और प्रति व्यक्ति खर्च लगभग ₹2.09 लाख है। इसके लिए कुल 10 बैच भेजे जाते हैं।
नाथू ला दर्रा (सिक्किम): जो लोग कम पैदल चलना या ट्रैकिंग करना चाहते हैं, उनके लिए यह मार्ग बेहतर है। इसमें लगभग 21 दिन लगते हैं और प्रति व्यक्ति खर्च ₹3.31 लाख के करीब आता है।
कौन कर सकता है आवेदन?
चूंकि यह यात्रा बेहद दुर्गम और कठिन होती है, इसलिए सरकार ने इसके लिए कुछ कड़े नियम बनाए हैं।
नागरिकता: केवल भारतीय पासपोर्ट धारक नागरिक ही इसके लिए पात्र हैं।
आयु सीमा: 1 जनवरी 2026 तक आपकी उम्र 18 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
फिटनेस: आवेदक का बॉडी मास इंडेक्स (BMI) 25 या उससे कम होना चाहिए। साथ ही, व्यक्ति का शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना अनिवार्य है।
आवेदन करने का तरीका
इस यात्रा के लिए केवल विदेश मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भरा जा सकता है। फॉर्म भरते समय आपको अपनी पासपोर्ट साइज फोटो और पासपोर्ट के मुख्य पेजों की स्कैन कॉपी अपलोड करनी होगी। आपको अपनी पसंद का रूट (लिपुलेख या नाथू ला) भी चुनना होगा। रजिस्ट्रेशन पूरा होने पर आपको ईमेल और मैसेज के जरिए जानकारी मिल जाएगी।
कैसे होता है यात्रियों का चयन?
यात्रियों का चुनाव पूरी तरह से 'कंप्यूटराइज्ड लकी ड्रा' के जरिए किया जाता है। इसमें निष्पक्षता के लिए सॉफ्टवेयर का उपयोग होता है जो रैंडम तरीके से यात्रियों और उनके बैच तय करता है। चयन के दौरान महिला और पुरुष आवेदकों के बीच संतुलन का भी खास ख्याल रखा जाता है।
चयन के बाद की जरूरी प्रक्रिया
लकी ड्रा में नाम आने के बाद कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाने होते हैं।
कन्फर्मेशन फीस: चुने गए यात्रियों को एक निश्चित राशि जमा करानी होती है जो वापस नहीं मिलती।
मेडिकल टेस्ट: यात्रियों को दिल्ली के अस्पतालों में अपना हेल्थ चेकअप कराना होता है। इसके बाद पहाड़ों की ऊंचाई पर एक और मेडिकल टेस्ट होता है। फिट पाए जाने पर ही आगे बढ़ने की अनुमति मिलती है।
जरूरी दस्तावेज: दिल्ली रिपोर्ट करते समय आपको स्टैम्प पेपर पर एक क्षतिपूर्ति बांड और चीन में मृत्यु होने की स्थिति में वहीं अंतिम संस्कार करने जैसे सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर करने होते हैं।