Google Pay, फोनपे, पेटीएम यूजर्स दे ध्यान, UPI में बार बार नहीं कर सकेंगे ये काम

गूगलपे, फोन पे, पेटीएम जैसे कई ऐप्स का उपयोग करने वाले यूजर्स के लिए महत्वपूर्ण खबर है। ऑनलाइन पेमेंट ऐप्स का उपयोग करने के लिए नए नियम एक अगस्त से लागू होने वाले है। एनपीसीआई (नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) अपने एपीआई (एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस) के इस्तेमाल के लिए नए नियम लागू करेगा। रिपोर्ट की मानें तो ये बदलाव अगस्त से लागू होने वाले है। इस बदलाव के बाद यूपीआई चलाने का तरीका बदलेगा। नए नियम के लागू होने से उम्मीद है कि यूपीआई सिस्टम में पड़ने वाला बोझ कम होगा। यूपीआई ऐप से बेलेंस चेक करने की संख्या सीमित हो जाएगा। वहीं अगर यूजर्स ने ऑटो पेमेंट का ऑप्शन सेट किया है उसमें भी बदलाव आएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक देश में यूपीआई करने वालों की संख्या में इजाफा हो रहा है। देश में 16 अरब ट्रांजैक्‍शन हर महीने किए जा रहे है। ये संख्या इतनी बढ़ गई है कि यूपीआई के सिस्टम पर अब लोड़ बढ़ने लगा है। कुछ दिनों पहले ही बैंकों ने बताया था कि सिस्टम का गलत उपयोग करने के मामले भी सामने आए है। कई तकमीकी खामियों की जानकारी भी मिली थी। इन कमियों को दूर करने के लिए यूपीआई के उपयोग में बदलाव हो रहे है। बता दें कि बीते दो से तीन महीनों में यूपीआई पेमेंट डाउन हुआ था। 12 अप्रैल 2025 को पांच घंटे तक पेमेंट डाउन रहा था, जिसने लोगों को परेशान कर दिया था। तीन वर्ष के दौरान ये सबसे बड़ा आउटेज था। यूपीआई के कारण लोगों में अब वॉलेट रखना छोड़ा है। कई लोग अब वॉलेट में राशि नहीं रखते है। अगर किसी कारण से यूपीआई डाउन हो जाए तो लोगों को परेशानी होने लगती है। नए नियमों इन परेशानियों को कम करने के लिए लाए जा रहे है। रिपोर्ट्स में सामने आया कि यूपीआई पेमेंट अब इतना फैला हुआ है कि इसमें हल्की रुकावट आने पर भी लाखों यूजर्स परेशान हो जाते है। हर सेकेंड सात हजार ट्रांजेक्शन यूपीआई के जरिए प्रोसेस हो रहे है। यूपीआई डाउन होने पर फोनपे, पेटीएम या गूगलपे नहीं चलने पर चार लाख यूजर्स पर असर होता है। नए होंगे नियमएनपीसीआई ने बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स को कहा कि 31 जुलाई तक सबसे अधिक उपयोग होने वाले प्लेटफॉर्म को कंट्रोल करना होगा। यूपीआई के जरिए बार बार बैलेंस जांचने वालों के लिए मुश्किल होगी क्योंकि अब वो ऐसा नहीं कर सकेंगे। यूजर्स अब नियमित बार यानी कुल 50 बार बैलेंस चैक कर सकेंगे। यूजर्स का मोबाइल नंबर से कितने अकाउंट जुड़े हैं ये 25 बार जांच की जा सकेगी।

PNSPNS
Jun 11, 2025 - 03:31
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Google Pay, फोनपे, पेटीएम यूजर्स दे ध्यान, UPI में बार बार नहीं कर सकेंगे ये काम
गूगलपे, फोन पे, पेटीएम जैसे कई ऐप्स का उपयोग करने वाले यूजर्स के लिए महत्वपूर्ण खबर है। ऑनलाइन पेमेंट ऐप्स का उपयोग करने के लिए नए नियम एक अगस्त से लागू होने वाले है। एनपीसीआई (नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) अपने एपीआई (एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस) के इस्तेमाल के लिए नए नियम लागू करेगा।
 
रिपोर्ट की मानें तो ये बदलाव अगस्त से लागू होने वाले है। इस बदलाव के बाद यूपीआई चलाने का तरीका बदलेगा। नए नियम के लागू होने से उम्मीद है कि यूपीआई सिस्टम में पड़ने वाला बोझ कम होगा। यूपीआई ऐप से बेलेंस चेक करने की संख्या सीमित हो जाएगा। वहीं अगर यूजर्स ने ऑटो पेमेंट का ऑप्शन सेट किया है उसमें भी बदलाव आएगा।
 
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक देश में यूपीआई करने वालों की संख्या में इजाफा हो रहा है। देश में 16 अरब ट्रांजैक्‍शन हर महीने किए जा रहे है। ये संख्या इतनी बढ़ गई है कि यूपीआई के सिस्टम पर अब लोड़ बढ़ने लगा है। कुछ दिनों पहले ही बैंकों ने बताया था कि सिस्टम का गलत उपयोग करने के मामले भी सामने आए है। कई तकमीकी खामियों की जानकारी भी मिली थी। इन कमियों को दूर करने के लिए यूपीआई के उपयोग में बदलाव हो रहे है।
 
बता दें कि बीते दो से तीन महीनों में यूपीआई पेमेंट डाउन हुआ था। 12 अप्रैल 2025 को पांच घंटे तक पेमेंट डाउन रहा था, जिसने लोगों को परेशान कर दिया था। तीन वर्ष के दौरान ये सबसे बड़ा आउटेज था। यूपीआई के कारण लोगों में अब वॉलेट रखना छोड़ा है। कई लोग अब वॉलेट में राशि नहीं रखते है। अगर किसी कारण से यूपीआई डाउन हो जाए तो लोगों को परेशानी होने लगती है। नए नियमों इन परेशानियों को कम करने के लिए लाए जा रहे है।
 
रिपोर्ट्स में सामने आया कि यूपीआई पेमेंट अब इतना फैला हुआ है कि इसमें हल्की रुकावट आने पर भी लाखों यूजर्स परेशान हो जाते है। हर सेकेंड सात हजार ट्रांजेक्शन यूपीआई के जरिए प्रोसेस हो रहे है। यूपीआई डाउन होने पर फोनपे, पेटीएम या गूगलपे नहीं चलने पर चार लाख यूजर्स पर असर होता है।
 
नए होंगे नियम
एनपीसीआई ने बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स को कहा कि 31 जुलाई तक सबसे अधिक उपयोग होने वाले प्लेटफॉर्म को कंट्रोल करना होगा। यूपीआई के जरिए बार बार बैलेंस जांचने वालों के लिए मुश्किल होगी क्योंकि अब वो ऐसा नहीं कर सकेंगे। यूजर्स अब नियमित बार यानी कुल 50 बार बैलेंस चैक कर सकेंगे। यूजर्स का मोबाइल नंबर से कितने अकाउंट जुड़े हैं ये 25 बार जांच की जा सकेगी।

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