Bal Gangadhar Tilak Death Anniversary: पत्रकारिता के जरिए ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिलाने वाले Bal Gangadhar Tilak

आज ही के दिन यानी की 01 अगस्त को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानी बाल गंगाधर तिलक का निधन हो गया था। वह 'लोकमान्य' के नाम से फेमस थे। तिलक सिर्फ एक स्वतंत्रता सेनानी नहीं बल्कि पत्रकार, प्रखर विचारक और समाज सुधारक भी थे। बाल गंगाधर तिलक ने 'स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा' का नारा दिया था। तो आइए जानते हैं उनकी डेथ एनिवर्सरी के मौके पर बाल गंगाधर तिलक के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...जन्म और परिवारमहाराष्ट्र के रत्नागिरी में 23 जुलाई 1856 को बाल गंगाधर तिलक का जन्म हुआ था। उनका पूरा नाम केशव गंगाधर तिलक था। उन्होंने शुरूआती शिक्षा पूरी करने के बाद साल 1877 में पुणे के डक्कन कॉलेज से बीए की पढ़ाई की और फिर बाद में कानून की पढ़ाई की।बाल गंगाधर तिलक एक बेहतरीन शिक्षक थे। उन्होंने साल 1884 में अपने साथियों के साथ मिलकर 'डक्कन एजुकेशन सोसाइटी' की स्थापना की थी। इसका उद्देश्य युवाओं को राष्ट्रवाद और आधुनिक शिक्षा देना था।इसे भी पढ़ें: Udham Singh Death Anniversary: Jallianwala Bagh का बदला लेने London पहुंचे उधम सिंह, Michael O'Dwyer को किया ढेरपत्रकारिताबता दें कि तिलक ने मराठी पेपर 'केसरी' और 'मराठा' नामक दो अखबार शुरू किए थे। इन अखबारों के जरिए बाल गंगाधर तिलक ब्रिटिश सरकार की नीतियों की आलोचना करते और भारतीयों में राष्ट्रवाद की भावना को जगाते थे।राजनीतिक सफरवहीं साल 1905 के बंग-भंद आंदोलन में बाल गंगाधर तिलक ने सक्रिय भूमिका निभाई थी। वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के गरम दल के नेता थे। इसके अलावा तिलक ने एनी बेसेंट के साथ मिलकर 'होम रूल लीग' की स्थापना की थी।मृत्युवहीं 01 अगस्त 1920 को 64 साल की उम्र में बाल गंगाधर तिलक की मृत्यु हो गई थी।

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Aug 3, 2026 - 11:04
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Bal Gangadhar Tilak Death Anniversary: पत्रकारिता के जरिए ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिलाने वाले Bal Gangadhar Tilak
आज ही के दिन यानी की 01 अगस्त को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानी बाल गंगाधर तिलक का निधन हो गया था। वह 'लोकमान्य' के नाम से फेमस थे। तिलक सिर्फ एक स्वतंत्रता सेनानी नहीं बल्कि पत्रकार, प्रखर विचारक और समाज सुधारक भी थे। बाल गंगाधर तिलक ने 'स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा' का नारा दिया था। तो आइए जानते हैं उनकी डेथ एनिवर्सरी के मौके पर बाल गंगाधर तिलक के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...

जन्म और परिवार

महाराष्ट्र के रत्नागिरी में 23 जुलाई 1856 को बाल गंगाधर तिलक का जन्म हुआ था। उनका पूरा नाम केशव गंगाधर तिलक था। उन्होंने शुरूआती शिक्षा पूरी करने के बाद साल 1877 में पुणे के डक्कन कॉलेज से बीए की पढ़ाई की और फिर बाद में कानून की पढ़ाई की।

बाल गंगाधर तिलक एक बेहतरीन शिक्षक थे। उन्होंने साल 1884 में अपने साथियों के साथ मिलकर 'डक्कन एजुकेशन सोसाइटी' की स्थापना की थी। इसका उद्देश्य युवाओं को राष्ट्रवाद और आधुनिक शिक्षा देना था।

इसे भी पढ़ें: Udham Singh Death Anniversary: Jallianwala Bagh का बदला लेने London पहुंचे उधम सिंह, Michael O'Dwyer को किया ढेर

पत्रकारिता

बता दें कि तिलक ने मराठी पेपर 'केसरी' और 'मराठा' नामक दो अखबार शुरू किए थे। इन अखबारों के जरिए बाल गंगाधर तिलक ब्रिटिश सरकार की नीतियों की आलोचना करते और भारतीयों में राष्ट्रवाद की भावना को जगाते थे।

राजनीतिक सफर

वहीं साल 1905 के बंग-भंद आंदोलन में बाल गंगाधर तिलक ने सक्रिय भूमिका निभाई थी। वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के गरम दल के नेता थे। इसके अलावा तिलक ने एनी बेसेंट के साथ मिलकर 'होम रूल लीग' की स्थापना की थी।

मृत्यु

वहीं 01 अगस्त 1920 को 64 साल की उम्र में बाल गंगाधर तिलक की मृत्यु हो गई थी।

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