जैव विविधता, महिलाओं और टिकाऊ विकास में स्वयंसेवकों की भूमिका

इस वर्ष अन्तरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस की थीम  – “प्रकृति के साथ सदभाव में जीवन यापन और सतत विकास” – एक बेहतर विश्व के निर्माण के लिए मानवता का मार्ग दर्शाती है. लेकिन इस राह में सबसे अधिक प्रभावित वर्ग, विशेषकर महिलाएँ, अक्सर निर्णय लेने की प्रक्रियाओं से बाहर कर दिए जाते हैं. संयुक्त राष्ट्र की एक स्वयंसेविका उर्जस्वी सोंधी, इस खाई को पाटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, और महिलाओं की आवाज़ को नीतिगत चर्चाओं तक पहुँचाने के लिए प्रयासरत हैं.

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May 29, 2025 - 03:30
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जैव विविधता, महिलाओं और टिकाऊ विकास में स्वयंसेवकों की भूमिका
इस वर्ष अन्तरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस की थीम  – “प्रकृति के साथ सदभाव में जीवन यापन और सतत विकास” – एक बेहतर विश्व के निर्माण के लिए मानवता का मार्ग दर्शाती है. लेकिन इस राह में सबसे अधिक प्रभावित वर्ग, विशेषकर महिलाएँ, अक्सर निर्णय लेने की प्रक्रियाओं से बाहर कर दिए जाते हैं. संयुक्त राष्ट्र की एक स्वयंसेविका उर्जस्वी सोंधी, इस खाई को पाटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, और महिलाओं की आवाज़ को नीतिगत चर्चाओं तक पहुँचाने के लिए प्रयासरत हैं.

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