अलास्का में Vladimir Putin से मिलने से पहले Donald Trump बोले, पहले 5 मिनट में तय होगा सब!

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को अलास्का में एक बहुप्रतीक्षित बैठक के लिए मिलने वाले हैं। इस शिखर सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य यूक्रेन में शांति स्थापित करने के तरीकों पर चर्चा करना है। ट्रंप ने कहा है कि वह बैठक के शुरुआती मिनटों में ही यह तय कर लेंगे कि बातचीत सफल होगी या नहीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि अगर वह राष्ट्रपति नहीं होते तो पुतिन पूरे यूक्रेन पर कब्जा कर लेते।सीएनएन ने ट्रंप के हवाले से कहा, 'हम यह पता लगाएंगे कि सबका क्या रुख है। और मुझे पहले दो मिनट, तीन मिनट, चार मिनट या पांच मिनट में ही पता चल जाएगा कि हमारी बैठक अच्छी होगी या बुरी। और अगर यह एक बुरी बैठक होगी, तो यह बहुत जल्दी खत्म हो जाएगी। और अगर यह एक अच्छी बैठक होगी, तो हम निकट भविष्य में शांति स्थापित कर लेंगे।' इसे भी पढ़ें: खालिस्तानियों का दुस्साहस जारी, Australia में भारतीयों को स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाने से रोकायुद्ध और शांति पर दोनों नेताओं का रुखट्रंप लंबे समय से यह कहते रहे हैं कि अगर वह राष्ट्रपति होते तो यूक्रेन युद्ध होता ही नहीं। उन्होंने गुरुवार को फिर दोहराया कि यह युद्ध 'कभी नहीं होना चाहिए था।' वहीं, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने इस बैठक से 'उपयोगी बातचीत' की उम्मीद जताई है। फरवरी 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण का आदेश देने के बाद यह पुतिन की पश्चिमी धरती की पहली यात्रा है। इसे भी पढ़ें: भारत और पाकिस्तान परमाणु युद्ध के लिए तैयार थे, हमने सैन्य संघर्ष रुकवाया : ट्रंपयूक्रेन की प्रतिक्रियाइस बैठक से ठीक पहले, रूस ने जमीन पर अपनी सैन्य प्रगति को धीमा करने का कोई संकेत नहीं दिया है। ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से युद्धरत पक्षों के बीच क्षेत्रीय अदला-बदली का विचार रखा है, ताकि शांति स्थापित हो सके। हालांकि, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की, जिन्हें इस शिखर सम्मेलन में आमंत्रित नहीं किया गया था, ने इस संभावना को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।

PNSPNS
Aug 16, 2025 - 04:30
 0
अलास्का में Vladimir Putin से मिलने से पहले Donald Trump बोले, पहले 5 मिनट में तय होगा सब!
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को अलास्का में एक बहुप्रतीक्षित बैठक के लिए मिलने वाले हैं। इस शिखर सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य यूक्रेन में शांति स्थापित करने के तरीकों पर चर्चा करना है। ट्रंप ने कहा है कि वह बैठक के शुरुआती मिनटों में ही यह तय कर लेंगे कि बातचीत सफल होगी या नहीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि अगर वह राष्ट्रपति नहीं होते तो पुतिन पूरे यूक्रेन पर कब्जा कर लेते।

सीएनएन ने ट्रंप के हवाले से कहा, 'हम यह पता लगाएंगे कि सबका क्या रुख है। और मुझे पहले दो मिनट, तीन मिनट, चार मिनट या पांच मिनट में ही पता चल जाएगा कि हमारी बैठक अच्छी होगी या बुरी। और अगर यह एक बुरी बैठक होगी, तो यह बहुत जल्दी खत्म हो जाएगी। और अगर यह एक अच्छी बैठक होगी, तो हम निकट भविष्य में शांति स्थापित कर लेंगे।'
 

इसे भी पढ़ें: खालिस्तानियों का दुस्साहस जारी, Australia में भारतीयों को स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाने से रोका


युद्ध और शांति पर दोनों नेताओं का रुख
ट्रंप लंबे समय से यह कहते रहे हैं कि अगर वह राष्ट्रपति होते तो यूक्रेन युद्ध होता ही नहीं। उन्होंने गुरुवार को फिर दोहराया कि यह युद्ध 'कभी नहीं होना चाहिए था।' वहीं, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने इस बैठक से 'उपयोगी बातचीत' की उम्मीद जताई है। फरवरी 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण का आदेश देने के बाद यह पुतिन की पश्चिमी धरती की पहली यात्रा है।
 

इसे भी पढ़ें: भारत और पाकिस्तान परमाणु युद्ध के लिए तैयार थे, हमने सैन्य संघर्ष रुकवाया : ट्रंप


यूक्रेन की प्रतिक्रिया
इस बैठक से ठीक पहले, रूस ने जमीन पर अपनी सैन्य प्रगति को धीमा करने का कोई संकेत नहीं दिया है। ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से युद्धरत पक्षों के बीच क्षेत्रीय अदला-बदली का विचार रखा है, ताकि शांति स्थापित हो सके। हालांकि, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की, जिन्हें इस शिखर सम्मेलन में आमंत्रित नहीं किया गया था, ने इस संभावना को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow