Kamla Nehru Birth Anniversary: सादगी और सेवा की मिसाल थीं कमला नेहरू, आजादी की लड़ाई में लिया था बढ़-चढ़कर हिस्सा

अधिकांश लोग उन भारतीय पुरुषों के बारे में जानते हैं, जिन्होंने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया था। लेकिन हम महिला अग्रदूतों को भूल जाते हैं, जिन्होंने भारत से अंग्रेजों को खदेड़ने के लिए जमकर संघर्ष किया था। ऐसी ही एक महिला कमला नेहरू थीं। कमला नेहरू भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की पत्नी थीं। उन्होंने भी भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में अहम भूमिका निभाई थी। आज ही के दिन यानी की 01 अगस्त को कमला नेहरू का जन्म हुआ था। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर कमला नेहरू के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...जन्म और परिवारदिल्ली में 01 अगस्त 1899 को कमला नेहरू का जन्म हुआ था। उनका जीवन आज भी लोगों के लिए सादगी और सेवा का मिसाल हैं। उन्होंने देश की आजादी की लड़ाई में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अन्य महिलाओं को भी इससे जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया था। बता दें कि उस समय कमला नेहरू ने शुरूआती पढ़ाई घर पर की। वहीं ये वह दौर था, जब लड़कियों की शिक्षा पर अधिक ध्यान नहीं दिया जाता था। साल 1916 में जब कमला नेहरू 16 साल की थीं, तो उनकी शादी पंडित जवाहर लाल नेहरू से हो गई। शादी के बाद कमला नेहरू इलाहाबाद के आनंद भवन में रहने लगीं।इसे भी पढ़ें: Bal Gangadhar Tilak Death Anniversary: लोकमान्य तिलक ने उठाई थी पूर्ण स्वराज की मांग, क्रांति की ज्वाला से दहल उठा था ब्रिटिश राजदेश की आजादी में योगदानबता दें कि कमला नेहरू ने असहयोग आंदोलन और नमक सत्याग्रह जैसे आंदोलनों में हिस्सा लिया। जब पंडित नेहरू जेल गए, तब कमला नेहरू ने महिलाओं को लीड किया और खुद मोर्चा संभाला। उन्होंने इस दौरान देश की आजादी की लड़ाई को मजबूत करने का काम किया। क्योंकि यह वो दौर था जब महिलाएं घर से बाहर निकलने में हिचकिचाती थीं, लेकिन वह कमला नेहरू थीं, जिन्होंने महिलाओं को भरोसा दिलाया कि वह भी आजादी की इस लड़ाई में अपना योगदान दे सकती हैं।सादा जीवन जीती थीं कमला नेहरूकमला नेहरू ने अपनी बेटी इंदिरा गांधी को भी त्याग, संघर्ष और देशसेवा के संस्कार बचपन से दिए। कमला नेहरू सादा जीवन जीना पसंद करती थीं। वह दिखावे से दूर रहती थीं। वह खादी पहनती थीं और महात्मा गांधी की सादगी और उनके विचारों को अपनाकर जीती थीं। कमला नेहरू के विचार और संकल्प बेहद मजबूत थे।जेल में बिगड़ा स्वास्थ्यदेश की आजादी के लिए कमला नेहरू का बार-बार जेल जाना, आंदोलन में हिस्सा लेना और समाज सेवा करते-करते उनका स्वास्थ्य काफी बिगड़ गया था। इस दौरान उनको टीबी हो गई और इलाज के लिए उन्हें विदेश जाना पड़ा। क्योंकि उस समय देश में इस बीमारी का इलाज नहीं था। वहीं 28 फरवरी 1936 को स्विट्जरलैंड में इलाज के दौरान कमला नेहरू का निधन हो गया। जब कमला का निधन हुआ, तो पंडित नेहरू अल्मोड़ा जेल में थे।

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Aug 2, 2025 - 04:31
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Kamla Nehru Birth Anniversary: सादगी और सेवा की मिसाल थीं कमला नेहरू, आजादी की लड़ाई में लिया था बढ़-चढ़कर हिस्सा
अधिकांश लोग उन भारतीय पुरुषों के बारे में जानते हैं, जिन्होंने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया था। लेकिन हम महिला अग्रदूतों को भूल जाते हैं, जिन्होंने भारत से अंग्रेजों को खदेड़ने के लिए जमकर संघर्ष किया था। ऐसी ही एक महिला कमला नेहरू थीं। कमला नेहरू भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की पत्नी थीं। उन्होंने भी भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में अहम भूमिका निभाई थी। आज ही के दिन यानी की 01 अगस्त को कमला नेहरू का जन्म हुआ था। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर कमला नेहरू के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...

जन्म और परिवार

दिल्ली में 01 अगस्त 1899 को कमला नेहरू का जन्म हुआ था। उनका जीवन आज भी लोगों के लिए सादगी और सेवा का मिसाल हैं। उन्होंने देश की आजादी की लड़ाई में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अन्य महिलाओं को भी इससे जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया था। बता दें कि उस समय कमला नेहरू ने शुरूआती पढ़ाई घर पर की। वहीं ये वह दौर था, जब लड़कियों की शिक्षा पर अधिक ध्यान नहीं दिया जाता था। साल 1916 में जब कमला नेहरू 16 साल की थीं, तो उनकी शादी पंडित जवाहर लाल नेहरू से हो गई। शादी के बाद कमला नेहरू इलाहाबाद के आनंद भवन में रहने लगीं।

इसे भी पढ़ें: Bal Gangadhar Tilak Death Anniversary: लोकमान्य तिलक ने उठाई थी पूर्ण स्वराज की मांग, क्रांति की ज्वाला से दहल उठा था ब्रिटिश राज

देश की आजादी में योगदान

बता दें कि कमला नेहरू ने असहयोग आंदोलन और नमक सत्याग्रह जैसे आंदोलनों में हिस्सा लिया। जब पंडित नेहरू जेल गए, तब कमला नेहरू ने महिलाओं को लीड किया और खुद मोर्चा संभाला। उन्होंने इस दौरान देश की आजादी की लड़ाई को मजबूत करने का काम किया। क्योंकि यह वो दौर था जब महिलाएं घर से बाहर निकलने में हिचकिचाती थीं, लेकिन वह कमला नेहरू थीं, जिन्होंने महिलाओं को भरोसा दिलाया कि वह भी आजादी की इस लड़ाई में अपना योगदान दे सकती हैं।

सादा जीवन जीती थीं कमला नेहरू

कमला नेहरू ने अपनी बेटी इंदिरा गांधी को भी त्याग, संघर्ष और देशसेवा के संस्कार बचपन से दिए। कमला नेहरू सादा जीवन जीना पसंद करती थीं। वह दिखावे से दूर रहती थीं। वह खादी पहनती थीं और महात्मा गांधी की सादगी और उनके विचारों को अपनाकर जीती थीं। कमला नेहरू के विचार और संकल्प बेहद मजबूत थे।

जेल में बिगड़ा स्वास्थ्य

देश की आजादी के लिए कमला नेहरू का बार-बार जेल जाना, आंदोलन में हिस्सा लेना और समाज सेवा करते-करते उनका स्वास्थ्य काफी बिगड़ गया था। इस दौरान उनको टीबी हो गई और इलाज के लिए उन्हें विदेश जाना पड़ा। क्योंकि उस समय देश में इस बीमारी का इलाज नहीं था। वहीं 28 फरवरी 1936 को स्विट्जरलैंड में इलाज के दौरान कमला नेहरू का निधन हो गया। जब कमला का निधन हुआ, तो पंडित नेहरू अल्मोड़ा जेल में थे।

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