Chandrashekhar Birth Anniversary: वो PM जिसने Padyatra से नापी Politics की राह, जानें 'युवा तुर्क' Chandrashekhar की कहानी

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और 'युवा तुर्क' के नाम से प्रसिद्ध चंद्रशेखर का 17 अप्रैल को जन्म हुआ था। चंद्रशेखर भारत के 8वें प्रधानमंत्री थे और उन्होंने अपनी सादगी, समाजवादी विचारधारा और निर्भीक भाषण के लिए जाने जाते थे। उन्होंने देश में 'पदयात्रा' के जरिए लोगों की समस्याओं को समझा था। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर चंद्रशेखर के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...जन्म और परिवारउत्तर प्रदेश के बलिया जिले के इब्राहिमपट्टी गाँव में 17 अप्रैल 1927 को चंद्रशेखर का जन्म हुआ था। अपने कॉलेज टाइम से ही चंद्रशेखर सामाजिक आंदोलनों में शामिल होते थे। वहीं बाद में साल 1951 में वह सोशलिस्ट पार्टी के फुल टाइम वर्कर बन गए थे।इसे भी पढ़ें: Bankim Chandra Chattopadhyay Death Anniversary: वो 'साहित्य सम्राट' जिसने कलम से जगाई थी Freedom की ज्वालासियासी सफरजब सोशलिस्ट पार्टी टूटी तो वह कांग्रेस में चले गए। फिर साल 1977 में जब आपातकाल लगा, तो उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी। फिर उनकी पहचान इंदिरा गांधी के 'मुखर विरोधी' के रूप में बनी। राजनीति में चंद्रशेखर की पारी सोशलिस्ट पार्टी से शुरू हुई थी। जोकि संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी व प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के जरिए कांग्रेस, जनता पार्टी, जनता दल, समाजवादी जनता दल और फिर समाजवादी जनता पार्टी तक पहुंची।फिर साल 1962 में वह उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए चुने गए। वहीं सला 1984 से लेकर 1989 तक का समय छोड़कर वह अपनी आखिरी सांस तक लोकसभा के सदस्य रहे। साल 1989 के लोकसभा चुनाव में चंद्रशेखर अपने गृहक्षेत्र बलिया के अलावा बिहार के महाराजगंज लोकसभा क्षेत्र से चुने गए। बाद में चंद्रशेखर ने महाराजगंज सीट से इस्तीफा दे दिया।भारत के प्रधानमंत्रीतत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद राजीव गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने लोकसभा में 400 से ज्यादा सीटें जीती थीं। लेकिन साल 1989 के चुनावों में राजीव गांधी सरकार पर लगे बोफोर्स घोटाले के बाद कांग्रेस सत्ता से बाहर हो गई। जिसके बाद जनता दल की सरकार बनी। लेकिन एक साल के अंतराल में ही बीजेपी द्वारा समर्थन वापस लेने की वजह से वीपी सिंह की सरकार अल्पमत में आ गई। वहीं उनकी पार्टी के 64 सांसद अलग हो गए।कांग्रेस के समर्थन पर चंद्रशेखर देश के अगले प्रधानमंत्री रहे। लकिन 3 महीने बाद ही कांग्रेस पार्टी ने राजीव गांधी की जासूसी कराने के आरोप में चंद्रशेखर की पार्टी से अपना समर्थन वापस ले लिया। ऐसे में आदर्शवादी नेता के रूप में पहचाने जाने वाले चंद्रशेखर को 21 जून 1991 को इस्तीफा देना पड़ा।मृत्युवहीं 08 जुलाई 2007 को चंद्रशेखर का निधन हो गया था।

PNSPNS
Apr 18, 2026 - 09:00
 0
Chandrashekhar Birth Anniversary: वो PM जिसने Padyatra से नापी Politics की राह, जानें 'युवा तुर्क' Chandrashekhar की कहानी
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और 'युवा तुर्क' के नाम से प्रसिद्ध चंद्रशेखर का 17 अप्रैल को जन्म हुआ था। चंद्रशेखर भारत के 8वें प्रधानमंत्री थे और उन्होंने अपनी सादगी, समाजवादी विचारधारा और निर्भीक भाषण के लिए जाने जाते थे। उन्होंने देश में 'पदयात्रा' के जरिए लोगों की समस्याओं को समझा था। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर चंद्रशेखर के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...

जन्म और परिवार

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के इब्राहिमपट्टी गाँव में 17 अप्रैल 1927 को चंद्रशेखर का जन्म हुआ था। अपने कॉलेज टाइम से ही चंद्रशेखर सामाजिक आंदोलनों में शामिल होते थे। वहीं बाद में साल 1951 में वह सोशलिस्ट पार्टी के फुल टाइम वर्कर बन गए थे।

इसे भी पढ़ें: Bankim Chandra Chattopadhyay Death Anniversary: वो 'साहित्य सम्राट' जिसने कलम से जगाई थी Freedom की ज्वाला

सियासी सफर

जब सोशलिस्ट पार्टी टूटी तो वह कांग्रेस में चले गए। फिर साल 1977 में जब आपातकाल लगा, तो उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी। फिर उनकी पहचान इंदिरा गांधी के 'मुखर विरोधी' के रूप में बनी। राजनीति में चंद्रशेखर की पारी सोशलिस्ट पार्टी से शुरू हुई थी। जोकि संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी व प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के जरिए कांग्रेस, जनता पार्टी, जनता दल, समाजवादी जनता दल और फिर समाजवादी जनता पार्टी तक पहुंची।

फिर साल 1962 में वह उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए चुने गए। वहीं सला 1984 से लेकर 1989 तक का समय छोड़कर वह अपनी आखिरी सांस तक लोकसभा के सदस्य रहे। साल 1989 के लोकसभा चुनाव में चंद्रशेखर अपने गृहक्षेत्र बलिया के अलावा बिहार के महाराजगंज लोकसभा क्षेत्र से चुने गए। बाद में चंद्रशेखर ने महाराजगंज सीट से इस्तीफा दे दिया।

भारत के प्रधानमंत्री

तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद राजीव गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने लोकसभा में 400 से ज्यादा सीटें जीती थीं। लेकिन साल 1989 के चुनावों में राजीव गांधी सरकार पर लगे बोफोर्स घोटाले के बाद कांग्रेस सत्ता से बाहर हो गई। जिसके बाद जनता दल की सरकार बनी। लेकिन एक साल के अंतराल में ही बीजेपी द्वारा समर्थन वापस लेने की वजह से वीपी सिंह की सरकार अल्पमत में आ गई। वहीं उनकी पार्टी के 64 सांसद अलग हो गए।

कांग्रेस के समर्थन पर चंद्रशेखर देश के अगले प्रधानमंत्री रहे। लकिन 3 महीने बाद ही कांग्रेस पार्टी ने राजीव गांधी की जासूसी कराने के आरोप में चंद्रशेखर की पार्टी से अपना समर्थन वापस ले लिया। ऐसे में आदर्शवादी नेता के रूप में पहचाने जाने वाले चंद्रशेखर को 21 जून 1991 को इस्तीफा देना पड़ा।

मृत्यु

वहीं 08 जुलाई 2007 को चंद्रशेखर का निधन हो गया था।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow